क्या PM मोदी के पक्ष में उतरे राहुल गांधी? बोले- उन्होंने दबाव में आकर India- US Trade Deal को दी मंजूरी

punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 05:31 PM (IST)

नेशनल डेस्क: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स जारी करने की धमकी और उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में चल रहे आपराधिक मुकदमे के कारण दबाव में आकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को मंजूरी दी है। राजधानी भोपाल में कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित किसान महाचौपाल को संबोधित करते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वह इस करार को रद्द करके दिखाए। उन्होंने कहा, ''नरेन्द्र मोदी 'कम्प्रोमाइज्ड (झुक गये)' हैं। उनको फंसा दिया गया है। नरेन्द्र मोदी ने दबाव में आकर यह करार किया है। यह डील (करार) नहीं है, यह किसान के दिल में तीर है।''

PunjabKesari

उन्होंने सवाल उठाया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता चार महीने से रुका हुआ था लेकिन ऐसा क्या हुआ जो प्रधानमंत्री मोदी अचानक इसके लिए तैयार हो गए। उन्होंने कहा, ''इसके दो कारण हैं। पहला कारण अमेरिका में पड़ी हुई लाखों एपस्टीन फाइल हैं।.. उसमें ईमेल है, मैसेज है और वीडियो है।'' गांधी ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम अमेरिका में जारी 'एप्स्टीन फाइल्स' में शामिल है और प्रधानमंत्री मोदी को धमकाने के लिए उनका नाम जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके अमेरिका ने यह संदेश दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी बात नहीं मानी तो फाइलों में से सबूत निकलेगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि व्यापार समझौते पर प्रधानमंत्री मोदी के सहमत होने का दूसरा कारण अमेरिका में अदाणी के खिलाफ चल रहा आपराधिक मुकदमा। उन्होंने कहा, ''अमेरिका में जो यह मामला है, उसका लक्ष्य अदाणी नहीं है। उसका लक्ष्य नरेन्द्र मोदी हैं। वह तीर अदाणी की ओर नहीं मारा जा रहा है, वह तीर नरेन्द्र मोदी जी की ओर मारा जा रहा है।

PunjabKesari

''नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती दी कि अगर उनमें दम है तो समझौते को रद्द करके दिखाए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से सलाह मशविरा किए बगैर ही अमेरिका के साथ समझौते को मंजूरी दे दी। गांधी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर पर चर्चा के दौरान उन्हें बोलने नहीं दिये जाने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि जब लोकसभा में नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वह पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की किताब पर अपनी बात रखना चाहते थे।

गांधी ने नरवणे की एक अप्रकाशित पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि चीन के टैंक भारतीय सीमा की तरफ आ रहे थे और उन्होंने कार्रवाई के मद्देनजर सरकार का आदेश जानने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, ''नरवणे जी ने अपनी किताब में लिखा है कि उस दिन हिंदुस्तान की सरकार और प्रधानमंत्री ने उन्हें और सेना को अकेला छोड़ दिया।'' नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब सेना प्रमुख को आदेश देने और चीन को रोकने का समय आया तो प्रधानमंत्री मोदी 'गायब' हो गए। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Radhika

Related News