PM E-Drive: सरकार का बड़ा फैसला, इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए बदले सब्सिडी के नियम, अब लाभ मिलेगा ज्यादा समय तक
punjabkesari.in Sunday, Mar 29, 2026 - 01:40 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब आम लोग इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी का फायदा पहले से ज्यादा समय तक ले सकेंगे। इस फैसले से ईवी खरीदना सस्ता होगा और बाजार में इन वाहनों की मांग बढ़ने की संभावना है।
क्या बदलाव हुआ है
प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक ड्राइव रेवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल इन्हैंसमेंट (PM E-Drive) स्कीम के तहत अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की सब्सिडी 31 जुलाई 2026 तक दी जाएगी। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए यह लाभ 31 मार्च 2028 तक रहेगा। पहले यह योजना केवल 31 मार्च 2026 तक ही थी। टू-व्हीलर के लिए चार महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। इस योजना का कुल बजट 10,900 करोड़ रुपये है, जिसमें से 3,679 करोड़ रुपये सीधे सब्सिडी के रूप में दिए जाएंगे और 7,171 करोड़ रुपये पब्लिक चार्जिंग और ई-बस जैसी सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे।
सब्सिडी में कटौती
जहां समय सीमा बढ़ी है, वहीं सब्सिडी राशि घटाई गई है। 1 अप्रैल 2025 से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर सब्सिडी घटाकर 2,500 रुपये प्रति kWh कर दी गई है, जो अधिकतम 5,000 रुपये तक ही मिलेगी। पहले यह अधिकतम 10,000 रुपये तक थी। इसी तरह, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की सब्सिडी अब 2,500 रुपये प्रति kWh और अधिकतम 12,500 रुपये प्रति वाहन होगी, जबकि पहले यह 25,000 रुपये तक थी। सरकार धीरे-धीरे सब्सिडी को कम कर रही है ताकि लंबी अवधि में इसका स्थायित्व बना रहे।
अब तक कितने वाहन हुए लाभार्थी
5 फरवरी 2026 तक PM E-Drive योजना के तहत वाहन निर्माताओं को 1,182.32 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं। अब तक 14,39,224 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर इस योजना का लाभ ले चुके हैं। कुल लक्ष्य के अनुसार, देशभर में 24.79 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, 3.16 लाख थ्री-व्हीलर और 14,028 बस और ट्रक को योजना के तहत सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, देशभर में 88,500 चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 27 जनवरी 2026 तक 22.12 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिक चुके हैं, जिनमें 19.19 लाख टू-व्हीलर और 2.93 लाख थ्री-व्हीलर शामिल हैं। अब तक कंपनियों को इस योजना के तहत 1,703 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है।
इलेक्ट्रिक बस और चार्जिंग नेटवर्क पर जोर
सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित किया है। 4,391 करोड़ रुपये की लागत से 14,028 इलेक्ट्रिक बसें बड़े शहरों में चलाई जाएंगी, जिनमें बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे और सूरत शामिल हैं। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत 22,100 फास्ट चार्जर, 1,800 बस चार्जर और 48,400 टू और थ्री-व्हीलर चार्जिंग पॉइंट लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सुविधाएं और बेहतर होंगी।
