Petrol Diesel Price: क्या अब महंगा होगा पेट्रोल और डीजल? जानिए आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ेगा या फिर घटेगा?

punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 01:18 PM (IST)

Petrol Diesel Price: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई ऐतिहासिक बातचीत के बाद भारत और अमेरिका ने एक बड़े व्यापारिक समझौते पर मुहर लगा दी है। इस डील के तहत अमेरिका ने भारत पर लगे कुल 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है। हालांकि, इस बड़ी राहत के बदले भारत ने एक रणनीतिक फैसला लिया है भारत अब रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद कर देगा और इसकी जगह अमेरिका व वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति बढ़ाएगा।

आपकी जेब पर क्या होगा असर?

1. अल्पावधि (Short-term): (तेल की कीमतों पर दबाव) रूस अब तक भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार से करीब 10 से 20 डॉलर प्रति बैरल सस्ता तेल दे रहा था। इस सस्ते तेल की वजह से ही वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे। जानकारों का मानना है कि रूस का 'डिस्काउंट' खत्म होने और अमेरिका से तेल लाने की अधिक 'माल ढुलाई' (Freight Cost) के कारण कच्चे तेल की लागत बढ़ सकती है। इससे घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों में 3 से 7 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी का दबाव बन सकता है।

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2. लंबी अवधि (Long-term): (स्थिरता की संभावना) भले ही रूसी डिस्काउंट हाथ से निकल जाए, लेकिन अमेरिका के साथ हाथ मिलाने के कुछ तकनीकी और आर्थिक फायदे भी हैं:

  • सप्लाई की गारंटी: अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहेगी।
  • डॉलर की बचत: डील के प्रभाव से यदि रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होता है (जैसा कि कल 40 पैसे की मजबूती दिखी), तो भारत को तेल के लिए कम भुगतान करना होगा।
  • रिफाइनिंग का फायदा: भारतीय रिफाइनरीज अमेरिकी 'लाइट स्वीट क्रूड' को प्रोसेस करने के लिए अधिक उपयुक्त हैं, जिससे रिफाइनिंग लागत में कमी आ सकती है।
  • सस्ती गैस (CNG/PNG): भारत ने अमेरिका से बड़ी मात्रा में LNG खरीदने का वादा किया है, जिससे आने वाले समय में रसोई गैस और सीएनजी की कीमतें स्थिर रह सकती हैं।

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वीजा नियमों का कड़वा सच: छात्रों के लिए राह आसान नहीं

व्यापार में तो हाथ मिला लिए गए हैं, लेकिन इमिग्रेशन और वीजा के मोर्चे पर ट्रंप प्रशासन का रुख सख्त बना हुआ है।

  • कोई ढील नहीं: फिलहाल छात्र वीजा (F-1/J-1) के नियमों में किसी भी राहत की घोषणा नहीं की गई है।
  • सख्त जांच: अमेरिकी दूतावास ने चेतावनी दी है कि वीजा इंटरव्यू से पहले अब आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी गहन जांच की जा सकती है।
  • डिपोर्टेशन का खतरा: 7 जनवरी 2026 को जारी एडवाइजरी के अनुसार, नियमों का मामूली उल्लंघन भी वीजा रद्द करने और भारत डिपोर्ट करने का कारण बन सकता है।

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News Editor

Radhika

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