oil prices in india: कच्चा तेल $114 पार, आपके शहर में कितना हो गया पेट्रोल का भाव, चेक करें आज का नया रेट
punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 10:44 AM (IST)
oil prices in india: दुनियाभर के ऊर्जा बाजारों में इस वक्त जबरदस्त हलचल मची हुई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच गहराते संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि साल 2022 के बाद पहली बार कच्चे तेल की कीमतें $114 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गई हैं। इस वैश्विक उबाल को देखकर पूरी दुनिया सहमी हुई है और हर किसी के मन में बस एक ही सवाल है—क्या पेट्रोल और डीजल के दाम एक बार फिर आम आदमी की जेब जलाएंगे?
लेकिन भारतीय वाहन चालकों के लिए आज, 10 मार्च 2026 की सुबह एक सुखद सरप्राइज लेकर आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मचे इस हाहाकार के बावजूद, भारत में तेल की कीमतें पूरी तरह स्थिर और शांत बनी हुई हैं। हालांकि, अगर हम महानगरों की बात करें, तो दिल्ली को छोड़कर मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल अब भी 100 रुपये के पार बना हुआ है। राहत की एकमात्र बड़ी बात यह है कि फिलहाल देश में कहीं भी डीजल की कीमत 100 रुपये के ऊपर नहीं गई है।
प्रमुख शहरों में तेल की कीमतें (रुपये प्रति लीटर)
| शहर | पेट्रोल (Petrol) | डीजल (Diesel) |
| नई दिल्ली | ₹94.72 | ₹87.62 |
| मुंबई | ₹104.21 | ₹92.15 |
| कोलकाता | ₹103.94 | ₹90.76 |
| चेन्नई | ₹100.75 | ₹92.34 |
| अहमदाबाद | ₹94.49 | ₹90.17 |
| बेंगलुरु | ₹102.92 | ₹89.02 |
| हैदराबाद | ₹107.46 | ₹95.70 |
| जयपुर | ₹104.72 | ₹90.21 |
| लखनऊ | ₹94.69 | ₹87.80 |
| पुणे | ₹104.04 | ₹90.57 |
| चंडीगढ़ | ₹94.30 | ₹82.45 |
| इंदौर | ₹106.48 | ₹91.88 |
| पटना | ₹105.58 | ₹93.80 |
| सूरत | ₹95.00 | ₹89.00 |
| नासिक | ₹95.50 | ₹89.50 |
आखिर ग्लोबल मार्केट में आग लगने के बावजूद भारत में दाम क्यों नहीं बढ़ रहे?
यह सवाल किसी को भी हैरान कर सकता है, लेकिन इसके पीछे तीन बेहद ठोस कारण नजर आते हैं। सबसे पहले तो सरकारी रणनीति काम कर रही है, जहाँ सरकार तेल कंपनियों के माध्यम से कीमतों को नियंत्रित रख रही है ताकि आम जनता पर महंगाई का बोझ न बढ़े। दूसरा बड़ा कारण है सप्लाई चेन का भरोसा; भारत ने समझदारी दिखाते हुए तेल आयात के रास्तों में बदलाव किया है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी निर्भरता कम की है, जिससे फिलहाल सप्लाई को लेकर कोई डर नहीं है। इसके अलावा, सरकारी सूत्रों ने हाल ही में स्थिरता का वादा किया था कि कीमतें अभी नहीं बढ़ाई जाएंगी, और आज के रेट्स उसी भरोसे पर मुहर लगाते हैं।
आगे की राह: क्या यह राहत बरकरार रहेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट का यह तनाव लंबे समय तक खिंचता है, तो तेल कंपनियों के लिए इन कीमतों को थामे रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। लेकिन फिलहाल के लिए स्थिति नियंत्रण में है। आप राहत की सांस ले सकते हैं और बिना किसी फिक्र के अपनी गाड़ी की टंकी फुल करा सकते हैं।
