Delhi-NCR में 1 अक्टूबर से इन वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, जानें क्यों लिया गया फैसला?
punjabkesari.in Friday, May 15, 2026 - 10:11 PM (IST)
नेशनल डेस्कः अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और अपनी गाड़ी के प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC) को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं, तो अब संभल जाइए। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए एक बेहद कड़ा और बड़ा फैसला लिया है। 1 अक्टूबर, 2026 से दिल्ली-एनसीआर के किसी भी पेट्रोल पंप पर उन वाहनों को ईंधन (पेट्रोल, डीजल या सीएनजी) नहीं दिया जाएगा, जिनके पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं होगा।
ANPR कैमरे खोलेंगे पोल, डेटाबेस से होगा मिलान
इस नए नियम को सख्ती से लागू करने के लिए अब पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे। ये हाई-टेक कैमरे जैसे ही आपकी गाड़ी का नंबर स्कैन करेंगे, सिस्टम तुरंत उसे VAHAN और PUCC डेटाबेस से मिलाकर जांच लेगा। अगर रिकॉर्ड में आपकी गाड़ी का PUC एक्सपायर या अवैध मिला, तो पेट्रोल पंप की मशीनें आपको ईंधन देने से इनकार कर देंगी।
प्रदूषण के खिलाफ 'महा-अभियान'
आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में जानलेवा PM2.5 प्रदूषण का एक बड़ा कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं है। सर्दियों में लगभग 23 प्रतिशत और गर्मियों में 18 प्रतिशत प्रदूषण के लिए वाहन ही जिम्मेदार हैं। बड़ी संख्या में लोग बिना वैध PUC के सड़कों पर गाड़ियां दौड़ा रहे हैं, जिस पर अब नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
PUCC 2.0: अब फोटो और वीडियो से होगी जांच
धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार ने PUCC Version 2.0 सिस्टम लागू किया है। इसके तहत अब केवल पर्ची कटाने से काम नहीं चलेगा। अब जांच के दौरान वाहन की लाइव फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। यहां तक कि एग्जॉस्ट पाइप में जांच प्रोब डालने का वीडियो बनाना भी अनिवार्य होगा। यह पूरी प्रक्रिया GPS और मोबाइल ऐप से जुड़ी रहेगी, जिससे डेटा सीधे सरकारी रिकॉर्ड में अपडेट हो जाएगा।
इमरजेंसी वाहनों को मिलेगी राहत
नियमों में सख्ती के बीच मानवीय पहलू का भी ध्यान रखा गया है। मेडिकल इमरजेंसी, आपदा राहत और कानून-व्यवस्था से जुड़े वाहनों को इस नियम से फिलहाल राहत दी गई है। हालांकि, सामान्य वाहन चालकों के लिए नियमों का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। दिल्ली सरकार पहले ही अपनी राजधानी में इस व्यवस्था को लागू करने का निर्देश दे चुकी थी, जिसे अब पूरे एनसीआर क्षेत्र में अनिवार्य कर दिया गया है।
