Blood Group: इन ब्लड ग्रुप वालों को है लिवर की बीमारी का अधिक खतरा, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 08:40 PM (IST)
नेशनल डेस्कः आपके ब्लड ग्रुप सेहत के कई पहलुओं के बारे में जानकारी दे सकता है, और हाल ही में हुई एक रिसर्च में यह सामने आया है कि यह लिवर से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को भी प्रभावित कर सकता है। खासकर ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में ऑटोइम्यून लिवर डिजीज का खतरा अन्य ग्रुप की तुलना में अधिक पाया गया है।
A ब्लड ग्रुप वालों को ज्यादा खतरा
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह रिसर्च जर्नल Frontiers में प्रकाशित हुई है। स्टडी में 1,200 से ज्यादा लोगों के डाटा का विश्लेषण किया गया, जिसमें से 114 मरीज ऑटोइम्यून लिवर डिजीज से पीड़ित थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में इस बीमारी का जोखिम सबसे ज्यादा है, इसके बाद O, B और AB ग्रुप का नंबर आता है। वहीं, ब्लड ग्रुप B वाले लोगों में ऑटोइम्यून डिजीज और प्राइमरी बिलियरी कोलेन्जाइटिस (PBC) का खतरा सबसे कम पाया गया।
ऑटोइम्यून लिवर डिजीज क्या है?
डॉक्टर्स के अनुसार, शराब, वायरल संक्रमण या खराब लाइफस्टाइल से होने वाली लिवर बीमारियों से यह अलग होती है। ऑटोइम्यून लिवर डिजीज में शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से लिवर या उसकी कोशिकाओं पर हमला करने लगती है।
ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस: इम्यून सिस्टम सीधे लिवर सेल्स को नुकसान पहुंचाता है।
प्राइमरी बिलियरी कोलेन्जाइटिस (PBC): इम्यून सिस्टम बाइल डक्ट्स को डैमेज करता है, जिससे लिवर में बाइल जमा होने लगता है और समय के साथ स्कारिंग या सिरोसिस हो सकती है। ये बीमारियां धीरे-धीरे बढ़ती हैं और कई सालों तक बिना लक्षणों के रह सकती हैं।
ब्लड ग्रुप और लिवर डिजीज का कनेक्शन
हमारा ब्लड ग्रुप (A, B, AB या O) लाल रक्त कोशिकाओं पर मौजूद एंटीजन (A, B या H) पर निर्भर करता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये एंटीजन न केवल ब्लड ग्रुप, बल्कि शरीर की इम्यून और इंफ्लेमेशन प्रतिक्रिया को भी प्रभावित करते हैं। स्टडी में देखा गया कि ऑटोइम्यून लिवर डिजीज वाले मरीजों में A एंटीजन की मौजूदगी अधिक थी, जो इम्यून डिसफंक्शन की संभावना बढ़ा सकता है।
ब्लड ग्रुप A होने का मतलब यह नहीं कि आपको लिवर रोग निश्चित रूप से होगा, लेकिन यह जोखिम बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपको बार-बार थकान, जॉइंट पेन, पेट के दाहिने हिस्से में भारीपन, स्किन में खुजली, भूख कम लगना या पीलिया जैसी शुरुआती समस्याएं दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना चाहिए।
