ऑफ द रिकॉर्डः पश्चिम बंगाल से पवार, नीतीश व तेजस्वी दूर, ‘कांग्रेस कंफ्यूज’

2021-04-09T06:38:49.16

नई दिल्लीः अकेले शरद पवार ही निष्क्रिय नहीं हैं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव भी इस बार के विधानसभा चुनावों से अपने-आपको पूरी तरह अलग रखे हुए हैं। हालांकि जनता दल यूनाइटिड अपने गठबंधन सहयोगी को छोड़कर पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ रहा है लेकिन नीतीश कुमार ने न तो वहां जाने और न ही चुनाव प्रचार करने का फैसला किया है। 

जनता दल यूनाइटिड ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसने पश्चिम बंगाल में अपने उम्मीदवारों को बेसहारा क्यों छोड़ दिया है लेकिन उनके एक खास आदमी का कहना है कि नीतीश कुमार इसलिए पश्चिम बंगाल नहीं गए क्योंकि वह भाजपा और ममता बनर्जी दोनों को खुश रखना चाहते हैं। वैसे भी ममता के पैर में फ्रैक्चर है इसलिए नीतीश उनके जले पर नमक नहीं छिड़कना चाहते। 

देखें तो नीतीश कुमार भी शरद पवार की तरह राष्ट्रीय स्तर की आकांक्षाएं पाले हुए हैं। उधर, राजद वैसे तो बिहार में कांग्रेस का गठबंधन सहयोगी है लेकिन वह तृणमूल कांग्रेस को समर्थन दे रहा है। तेजस्वी यादव भी उदासीन हैं और वह चुनाव प्रचार के लिए नहीं गए। 

कांग्रेस भी कंफ्यूज है क्योंकि वह पश्चिम बंगाल में तो वामदलों से हाथ मिलाए हुए है जबकि केरल में माकपा से लड़ रही है। दूसरे राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार करने के लिए अपने किसी कार्यक्रम को सामने नहीं रखा है। प्रियंका गांधी चुनाव प्रचार में लगी थीं परंतु उनके पति रॉबर्ट वाड्रा के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उन्होंने चुनाव प्रचार छोड़कर खुद को घर में एकांतवास में रख लिया। हालांकि खुद प्रियंका टैस्ट में नैगेटिव आई हैं, वह अभी भी घर पर ही रह रही हैं। 

जानकारों का कहना है कि प्रियंका ने अब कम सक्रिय भूमिका निभाने का फैसला किया है क्योंकि असम और केरल में उनकी रैलियों में भीड़ उमड़ती है जिस पर पार्टी के लोगों ने संक्रमण के नजरिए से उन्हें लेकर चिंता जताई है। पार्टी के 30 स्टार प्रचारकों में से अधिकतर मैदान में नजर नहीं नहीं आ रहे, इनमें कैप्टन अमरेन्द्र सिंह व नवजोत सिंह सिद्धू भी हैं।  


Content Writer

Pardeep

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