पाक मंत्री का बड़ा कबूलनामा, पाकिस्तान ने कराया पुलवामा हमला

2020-10-29T22:19:54.2

इंटरनेशनल डेस्कः जम्मू-कश्मीर के पुलवामा हमले को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक साजिश का खुलासा हुआ है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री ने बृहस्पतिवार को सनसनीखेज खुलासा करते हुए स्वीकार किया कि 2019 में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के लिये उनका देश जिम्मेदार है। उस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद दोनों देश जंग के मुहाने पर आकर खड़े हो गए थे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने नेशनल असेंबली में बहस के दौरान कहा, ''हमने हिंदुस्तान को घुस कर मारा। पुलवामा में हमारी कामयाबी, इमरान खान के नेतृत्व में इस देश की कामयाबी है। आप और हम सभी इस कामयाबी का हिस्सा हैं।''


इस दौरान जब उनके साथी सांसदों ने ''पुलवामा की सफलता'' की उनकी बात पर आपत्ति जतायी तो मंत्री ने कहा कि ''पुलवामा की घटना के बाद'' जिस तरह से पाकिस्तान ने भारत के क्षेत्र में घुसकर उसे निशाना बनाया, उससे भारत का सारा मीडिया शर्मसार हो गया।'' हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व में ''पुलवामा की सफलता'' के अपने बयान के बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी चौधरी का यह बयान विपक्षी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेता अयाज सादिक के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को रिहा करने की गुहार लगाई थी, जिन्हें 27 फरवरी, 2019 को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के साथ हवाई टकराव में उनका मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान गिर जाने के बाद पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया था। भारतीय वायु सेना के विमानों ने 26 फरवरी 2019 को तड़के पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र के बालाकोट में स्थित जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था।

सादिक ने जिस उच्चस्तरीय बैठक का जिक्र करते हुए यह दावा किया था उसमें सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा भी शामिल थे। सादिक ने बैठक को याद करते हुए कहा , ''विदेश मंत्री (कुरैशी) ने हमसे कहा कि खुदा के वास्ते, उसे (अभिनंदन) को वापस जाने दीजिए, वरना भारत रात नौ बजे पाकिस्तान पर हमला कर देगा। ''

पुलवामा हमले के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहे चौधरी ने सादिक के बयान की आलोचना करते हुए उसे ''अनुचित'' बताया है। अमेरिका के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी भूमि को आतंकवादी समूहों की सुरक्षित पनाहगाह बनने से रोके और पुलवामा हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाये।

 


Yaspal

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