पाकिस्तान की बौखलाहटः भारत पर फोड़ा POK में हिसंक प्रदर्शनों का ठीकरा, कहा- यह ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’
punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 03:02 PM (IST)
Islamabad: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में विधानसभा चुनाव के दौरान जारी विरोध-प्रदर्शनों को लेकर पाकिस्तान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने दावा किया कि चुनाव के खिलाफ चल रहे विरोध और बहिष्कार की अपील के पीछे भारत का हाथ है और इसका उद्देश्य कथित तौर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ को आगे बढ़ाना था। हालांकि, राणा सनाउल्लाह ने अपने इस आरोप के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। राणा सनाउल्लाह ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) चुनाव का विरोध कर रही थी और लोगों से मतदान का बहिष्कार करने की अपील कर रही थी।
उनका आरोप था कि JAAC का मुख्य उद्देश्य चुनावों को रोकना था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर चुनाव रोकने की कोशिश हो रही थी तो इसके पीछे किसी छिपे हुए एजेंडे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सनाउल्लाह ने इसी दावे को आगे बढ़ाते हुए इसे कथित तौर पर भारत की रणनीति से जोड़ दिया।पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार ने दावा किया कि अगर POK में चुनाव नहीं होते तो कथित ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का एजेंडा सफल हो जाता। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि भारत की ओर से ऐसा कोई ऑपरेशन प्रस्तावित या योजनाबद्ध होने का उनके पास क्या प्रमाण है।
पाकिस्तान की ओर से ये आरोप ऐसे समय लगाए गए हैं जब POK विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, अब तक घोषित 34 सीटों में से पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के समर्थन वाले उम्मीदवारों ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की है।इस बढ़त के साथ PML-N के क्षेत्र में अगली सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, चुनावों से पहले कई हफ्तों तक POK में हिंसक विरोध-प्रदर्शन भी हुए। इन प्रदर्शनों के दौरान करीब 40 लोगों की मौत होने की खबर है। चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं और बाकी 11 सीटों के लिए मतदान 10 अगस्त को होना है।
भारत ने POK चुनाव को बताया ‘ढोंग’
पाकिस्तान के आरोपों से कुछ दिन पहले भारत ने POK विधानसभा चुनावों को खारिज कर दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन चुनावों को ‘पूरी तरह दिखावा’ बताते हुए कहा था कि ऐसे चुनाव पाकिस्तान के नियंत्रण को वैध साबित नहीं कर सकते। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान पर POK में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और हिंसा को लेकर भी निशाना साधा था। भारत का कहना था कि क्षेत्र में जारी सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शनों और कथित हत्याओं को किसी चुनावी प्रक्रिया के जरिए छिपाया नहीं जा सकता। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को POK में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील भी की है। नई दिल्ली का रुख है कि पाकिस्तान द्वारा आयोजित चुनाव उस क्षेत्र पर उसके नियंत्रण को वैधता प्रदान नहीं कर सकते।
