तृणमूल ने मुस्लिम वोट तो हासिल कर लिए लेकिन समुदाय के लिए कुछ नहीं किया : ओवैसी

punjabkesari.in Wednesday, Mar 25, 2026 - 04:55 PM (IST)

नेशनल डेस्क : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने मुस्लिम वोट तो हासिल कर लिए लेकिन ''समुदाय के लिए कुछ नहीं किया।'' ओवैसी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीति ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उभरने में मदद की। ओवैसी ने कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि पश्चिम बंगाल के लोग घुटन महसूस कर रहे हैं और उनकी पार्टी ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के साथ हाथ मिलाया है ताकि जनता को वह विकल्प प्रदान किया जा सके जिसकी उन्हें तलाश है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, ''लगभग पांच लाख ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए। इनमें से कई मुस्लिम परिवारों से थे। क्या यह कोई मुद्दा नहीं है? उन्होंने कहा, ''यहां की आबादी में मुसलमानों की संख्या लगभग 30 प्रतिशत है। सरकारी नौकरियों में उनका प्रतिनिधित्व कितना है? केवल सात प्रतिशत। कितने मुस्लिम बच्चे स्कूल से बाहर हैं? कितने मुस्लिम लड़के-लड़कियां स्नातक की पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रहे हैं?''

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ओवैसी ने आरोप लगाया कि ये प्रयास दिखावा ही रहे और राज्य में समुदाय के लिए वास्तविक विकास में तब्दील नहीं हुए। उन्होंने पूछा, ''ईद के दिन नमाज अदा करने से क्या मेरा पेट भरता है? क्या इससे मेरे घर में रोशनी होती है? क्या इससे मेरे बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है?'' हैदराबाद से सांसद ने दावा किया कि बनर्जी की राजनीति ने अप्रत्यक्ष रूप से राज्य में भाजपा को अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद की है उन्होंने कहा, ''बंगाल में भाजपा के तीन विधायक कब जीते थे? 2016 में ना? अब उनके पास 77 विधायक हैं। क्या मैंने उन्हें जिताया? क्या मैं इतना ताकतवर हूं कि मैंने भाजपा को फलने फूलने दिया? भाजपा का विकास आपकी आंखों के सामने हो रहा है।'' ओवैसी ने दावा किया कि एआईएमआईएम का एजेयूपी के साथ गठबंधन राज्य में कमजोर वर्गों के शोषण को रोकने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन से राज्य में मुसलमानों के राजनीतिक नेतृत्व को भी मजबूती मिलेगी। मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की शैली पर प्रस्तावित मस्जिद को लेकर हुए विवाद के बाद तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए जाने पर कबीर ने आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) का गठन किया था। कबीर ने कहा कि गठबंधन 294 सदस्यीय विधानसभा में 182 सीट पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है।

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उन्होंने दावा किया कि अगर चुनाव में खंडित जनादेश आता है तो गठबंधन सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। कबीर ने कहा, ''यह गठबंधन कभी नहीं टूटेगा। मेरे बड़े भाई (ओवासी) जो भी निर्णय लेंगे और जो भी दिशा-निर्देश देंगे, मैं आने वाले दिनों में उनका पालन करूंगा।'' ओवैसी ने तर्क दिया कि जिन राज्यों में मुसलमानों के पास स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व की कमी होती है, वहां विकास के संकेतक खराब होते हैं। उन्होंने कहा, ''मेरी राय में, पश्चिम बंगाल सरकार, भारत सरकार या एनएसएसओ से प्राप्त सभी अनुभवजन्य आंकड़े यह दर्शाते हैं कि जिन राज्यों में मुस्लिम अल्पसंख्यक के पास स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व नहीं है, वहां के सामाजिक, आर्थिक और मानव विकास संकेतक बहुत खराब हैं।'' उन्होंने कहा, ''स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व और सामाजिक-आर्थिक विकास के बीच एक स्वाभाविक संबंध होता है।'' ओवैसी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को वर्षों से चुनावी समर्थन मिल रहा है बावजूद इसके आर्सेनिक से दूषित भूजल ने मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, ''आप मालदा और मुर्शिदाबाद जाइए। वहां के भूमिगत जल में आर्सेनिक का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित मानकों से भी बदतर है। ये समस्याएं सीधे तौर पर राजनीतिक नेतृत्व से जुड़ी हैं।''

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ओवैसी ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर मुसलमानों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है। उन्होंने कहा, ''कुछ लोग कहते हैं कि तृणमूल कांग्रेस में कई मुसलमान हैं। जी हां, हैं, लेकिन वह गुमनाम नेतृत्व है। हमें ऐसा नेतृत्व चाहिए जिसकी एक आवाज और एक नाम हो।'' एआईएमआईएम प्रमुख ने बनर्जी के पूर्व के राजनीतिक रुख का भी जिक्र किया। उन्होंने पूर्व में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए पूछा, ''जब गुजरात जल रहा था, तब वे किसके साथ बैठे थे?'' ओवैसी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने 2000 के दशक के मध्य में संसद में बनर्जी द्वारा घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए देखा था। उन्होंने दावा किया, ''एक वीडियो है, जाकर देखिए। 2004 और 2009 के बीच, मैंने ममता बनर्जी को घुसपैठ से संबंधित एक फाइल उपाध्यक्ष की मेज पर फेंकते हुए देखा था।'' नंदीग्राम में 2007 में हुए भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन को याद करते हुए ओवैसी ने कहा कि उन्होंने उस दौरान व्यक्तिगत रूप से उस क्षेत्र का दौरा किया था।

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उन्होंने दावा किया, ''क्या आप जानते हैं कि हमें हवाई अड्डे से नंदीग्राम कौन ले गया था? शुभेंदु (अधिकारी)। हमें मोटरसाइकिल से यात्रा करनी पड़ी और कई बार तो हमें मोटरसाइकिल से कूदना भी पड़ा क्योंकि वामपंथी कार्यकर्ता बम फेंक रहे थे।'' उन्होंने पूछा, ''अगर मैं तब इतना पाक और अच्छा था तो आज अचानक बुरा कैसे हो गया?'' तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि राज्य के मुसलमान राजनीतिक रूप से फंसे हुए महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''हमारी स्थिति उर्दू की एक कहावत जैसी है, 'फंस गई रजिया गुंडों में'। हम दो पक्षों के बीच फंसे हुए हैं।'' उन्होंने कहा, ''मौजूदा राजनीतिक माहौल में लोग घुटन महसूस कर रहे हैं। उनके पास कोई स्पष्ट और मजबूत विकल्प नहीं है और इसलिए हम उन्हें एक मजबूत और स्पष्ट विकल्प पेश करने जा रहे हैं।'' पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा सीट के लिए मतदान 23 एवं 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को निर्धारित है। 

 

 


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Content Editor

Mehak

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