खतरनाक और रेबीज संक्रमित आवारा कुत्तों को ''मौत का इंजेक्शन'' देने का आदेश: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

punjabkesari.in Tuesday, May 19, 2026 - 09:19 PM (IST)

नेशनल डेस्कः देशभर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और उससे पैदा होने वाले डर के माहौल पर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए रेबीज से संक्रमित, लाइलाज बीमारी से ग्रस्त या बेहद खतरनाक आवारा कुत्तों को 'जान से मारने' (यूथेनेशिया) की अनुमति दे दी है।

मानव जीवन की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। अदालत ने कहा कि जिन क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है और जहां बार-बार हमलों से लोगों की जान को खतरा हो रहा है, वहां स्थानीय निकाय उन्हें 'जान से मारने' का निर्णय ले सकते हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि सम्मान के साथ जीने के अधिकार में कुत्तों के हमलों के डर से मुक्त होकर जीने का अधिकार भी शामिल है।

विशेषज्ञों की निगरानी में होगी कार्रवाई
शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया है कि कुत्तों को मारने का फैसला और अन्य कानूनी उपाय पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के आकलन के बाद ही लिए जाएं। इसके अलावा, इस प्रक्रिया के दौरान 'पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960' और 'पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023' का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।

बच्चों और बुजुर्गों पर बढ़ते हमलों पर जताई चिंता
अदालत ने उन जमीनी हकीकतों का भी जिक्र किया जहां मासूम बच्चे, बुजुर्ग और विदेशी पर्यटक इन हमलों का शिकार हो रहे हैं। पीठ ने कहा कि वह इन घटनाओं से आंखें नहीं मूंद सकती। पिछले साल के आंकड़ों का हवाला देते हुए अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों के काटने की घटनाओं में "चिंताजनक वृद्धि" पर गंभीर संज्ञान लिया।

नसबंदी और आश्रय स्थलों के निर्देश
समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए कोर्ट ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को बुनियादी ढांचा मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, सामान्य आवारा कुत्तों को बंध्याकरण (Sterilization) और टीकाकरण के बाद निर्धारित आश्रय स्थलों में भेजा जाना चाहिए। इसके साथ ही, अदालत ने आवारा कुत्तों के स्थानांतरण संबंधी पुराने आदेशों को वापस लेने की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।


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Pardeep

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