Odisha Rajya Sabha Election 2026: क्रॉस-वोटिंग के बीच बीजेपी को तीन सीटें, सियासत गरमाई
punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 09:33 PM (IST)
नेशनल डेस्क: ओडिशा में राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। सोमवार, 16 मार्च को चार सीटों के लिए हुए मतदान के बाद आए परिणामों में Bharatiya Janata Party को तीन सीटों पर जीत मिली, जबकि Biju Janata Dal को केवल एक सीट पर संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा निर्दलीय उम्मीदवार Dilip Ray की जीत को लेकर हो रही है, जिन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त था। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार उनकी जीत में कथित क्रॉस-वोटिंग ने अहम भूमिका निभाई।
चार सीटों पर किसे मिली जीत
राज्यसभा चुनाव के परिणामों में निम्न उम्मीदवार विजयी रहे:
- Manmohan Samal (भाजपा) – जीत
- Sujeet Kumar (भाजपा) – जीत
- Santrupt Misra (बीजेडी) – जीत
- Dilip Ray (निर्दलीय, भाजपा समर्थित) – जीत
वहीं बीजेडी और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार Datteshwar Hota को हार का सामना करना पड़ा। यह चुनाव पिछले लगभग 12 वर्षों में पहली बार इतना प्रतिस्पर्धी रहा, क्योंकि चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे।
क्रॉस-वोटिंग ने बदला समीकरण
चुनाव के बाद बीजेडी नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, जिसके कारण चौथी सीट का समीकरण पूरी तरह बदल गया। बीजेडी के डिप्टी चीफ व्हिप Pratap Keshari Deb ने दावा किया कि पार्टी के आठ विधायकों ने निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान किया। बताया जा रहा है कि इनमें छह बीजेडी विधायक और दो निलंबित विधायक शामिल थे। इस घटनाक्रम ने चुनावी परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित किया।
दो विधायकों ने माना क्रॉस-वोटिंग
बीजेडी के दो युवा विधायक Devi Ranjan Tripathy और Souvik Biswal ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने पार्टी लाइन से अलग जाकर मतदान किया। उनकी इस स्वीकारोक्ति के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
नवीन पटनायक का बीजेपी पर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी प्रमुख Naveen Patnaik ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश की गई और चुनाव प्रक्रिया में भी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। पटनायक ने इस घटनाक्रम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक बताते हुए इसकी जांच की मांग की है।
विधानसभा की संख्या ने भी निभाई भूमिका
ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं। मौजूदा स्थिति में भाजपा के पास 80 से अधिक विधायक हैं, जिससे पार्टी को दो सीटों पर जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही थी। बीजेडी के पास लगभग 48 विधायक होने के कारण उसे एक सीट मिलना तय था। चौथी सीट के लिए मुकाबला बीजेडी-कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के बीच था, जहां क्रॉस-वोटिंग के बाद समीकरण पूरी तरह बदल गया।
