उत्तरी बंगाल के जलपाईगुड़ी-अलीपुरद्वार की 12 सीटों पर कांटे की टक्कर

2021-01-15T17:12:14.11

नेशनल डेस्कः उत्तरी बंगाल की 54 विधानसभा सीट पर बीजेपी और टीएमसी में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। बंगाल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया है कि उनकी पार्टी इनमें से पचास सीट पर भगवा झंडा लहराएगी। दिलीप घोष के इस दावे के पीछे लोकसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन है। दरअसल 2019 के आम चुनाव में नॉर्थ बंगाल की 8 लोकसभा सीट में से बीजेपी ने सात सीट पर जीत हासिल की थी। वहीं दक्षिणी मालदा सीट पर कांग्रेस के मशहूग नेता गनी खान चौधरी के भाई अबु हासेम खान चौधरी ने जीत हासिल की थी। जबकि तृणमूल का नॉर्थ बंगाल में खाता तक नहीं खुल पाया था।

आइए 2019 के लोकसभा चुनाव में नॉर्थ बंगाल की 8 सीटों के नतीजों पर डालते हैं एक नजर

  • 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने किया था कमाल
  • नॉर्थ बंगाल की 8 में से सात सीट पर बीजेपी को मिली थी जीत
  • उत्तरी बंगाल के जलपाईगुड़ी-अलीपुरद्वार जिले में बीजेपी देगी टक्कर
  • जलपाईगुड़ी-अलीपुरद्वार जिले की 12 सीटों पर कांटे की टक्कर
  • नाश्य शेख समुदाय को अपने पाले में करने में लगी हैं ममता दीदी
  • मतुआ जाति को अपने पक्ष में करने में सफल रही है बीजेपी
  • सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर दिख रहा है वोटों का ध्रुवीकरण
  • कूचबिहार लोकसभा सीट पर बीजेपी ने टीएमसी को दी थी मात
  • अलीपुरद्वार सीट पर भी लहराया था बीजेपी का भगवा परचम
  • जलपाईगुड़ी सीट भी बीजेपी ने विरोधियों को दी थी पटकनी
  • दार्जीलिंग लोकसभा सीट पर भी जनता ने बीजेपी को दिलाई थी जीत
  • रायगंज लोकसभा सीट पर भी बीजेपी को ही मिली थी जीत
  • बालूरघाट लोकसभा सीट पर भी बीजेपी ने लहराया था जीत का परचम
  • नॉर्थ मालदा लोकसभा सीट पर भी बीजेपी ने ममता बनर्जी को दे दी थी मात
  • साउथ मालदा में कांग्रेस ने दिखा दी थी ‘पंजे’ की ताकत
  • नॉर्थ बंगाल में सभी सीटों पर ममता बनर्जी की हुई थी करारी हार
  • नॉर्थ बंगाल की 8 लोकसभा सीट पर टीएमसी को मिली थी हार


इस लिहाज से देखें तो 2019 के लोकसभा चुनाव में 54 में से 38 सीट पर जीत हासिल कर ली थी। बीजेपी के इस प्रदर्शन से तृणमूल कांग्रेस के कर्ताधर्ता भी हैरान रह गए थे। ममता बनर्जी अब बीजेपी के बढ़त की काट के लिए ‘नाश्य शेख’ समुदाय के वोट बैंक को अपने पाले में करने का दांव चल रही हैं। वहीं आदिवासी समाज के अलावा बीजेपी मतुआ जाति के वोटों पर अपनी मजबूत पकड़ बना रही है।

पंजाब केसरी की टीम नॉर्थ बंगाल की एक एक सीट की समीकरण का बारीकी से विश्लेषण कर रही है और इसी कड़ी में अब जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिले की 11 सीटों पर चल रहे सियासी टक्कर पर हम डालेंगे एक नजर

  • एससी-एसटी के लिए रिजर्व है जलपाईगुड़ी की छह सीटें
  • धुपगुड़ी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए है रिजर्व
  • एससी के लिए आरक्षित है मायनागुड़ी विधानसभा सीट
  • एससी के लिए आरक्षित है जलपाईगुड़ी विधानसभा सीट
  • एससी के लिए आरक्षित है राजगंज विधानसभा सीट
  • अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व है मल विधानसभा सीट
  • अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व है नगरकाटा सीट
  • दबग्राम फुलबाड़ी सीट पर टीएमसी-बीजेपी में होगी कांटे की टककर
  • वहीं अगर बात अलीपुरद्वार जिले की करें....तो यहां की 5 में से 4 सीटें एससी-एसटी के लिए आरक्षित हैं...
  • एसटी के लिए आरक्षित है कुमारग्राम विधानसभा सीट
  • एसटी के लिए ही आरक्षित है कालीचीनी विधानसभा सीट
  • अलीपुरद्वार सीट पर ‘नाश्य शेख’ को पाले में करने में जुटी हैं दीदी
  • एससी के लिए आरक्षित है फालाकाटा विधानसभा सीट
  • एसटी के खाते में है मदारीहाट विधानसभा सीट


लोकसभा चुनाव में अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी सीट पर बीजेपी का भगवा परचम लहराया था इसलिए यहां की 12 विधानसभा सीट पर 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी मजबूत स्थिति में दिख रही है। सीएए और एनआरसी का समर्थन कर मतुआ जाति का समर्थन हासिल करने में बीजेपी एक हद तक कामयाब हो गई है। इन 12 सीटों पर मतुआ जाति की अच्छी खासी आबादी है। वहीं ममता दीदी ने सीएए-एनआरसी का विरोध कर मतुआ जाति की नाराजगी मोल ले ली है। अब इसकी भरपाई करने के लिए ममता बनर्जी ने ‘नाश्य शेख’ समुदाय को तृणमूल के साथ खड़ा करने का दांव चला है।

अलीपुरद्वार के कालचीनी,कुमारग्राम,फालाकाटा और मदारीहाट सीट पर नाश्य शेख समुदाय का 18 फीसदी वोट है। वहीं जलपाईगुड़ी के राजगंज,धुपगुड़ी,जलपाईगुड़ी सदर और मालबाजार में नाश्य शेख समुदाय का 17 फीसदी वोट है। नाश्य शेख समुदाय के विकास और उत्थान के लिए ममता बनर्जी ने अहम फैसले लेने का वादा किया है। हालांकि नाश्य शेख समुदाय और मुस्लिम के टीएमसी के पक्ष में खड़े होने से बीजेपी हिंदू धर्म के वोटरों का काउंटर पोलराइजेशन करेगी और इससे बीजेपी को इन 12 सीटों में बढ़त मिल सकती है।


Content Writer

Yaspal

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