दिल्ली में छात्र आंदोलन में भड़काऊ भाषण देने वाले निलंबित सिपाही पर पुलिस का शिकंजा, बर्खास्तगी की तैयारी तेज
punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2026 - 10:35 PM (IST)
नेशनल डेस्कः उत्तराखंड पुलिस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान कथित 'उकसाने वाला अनर्गल वक्तव्य' देने वाले निलंबित सिपाही शेर सिंह के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, शेर सिंह पहले से ही एक गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी है और उसके खिलाफ बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी चल रही है।
कुमाऊं की पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) निवेदिता कुकरेती ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि पिथौरागढ़ जिले में तैनात सिपाही शेर सिंह इस वर्ष 28 जून से बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित था। इस संबंध में पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक ने उसे नोटिस जारी किया था। नोटिस का जवाब नहीं देने पर उसे 20 जुलाई को निलंबित कर दिया गया था।
आईजी ने बताया कि निलंबित सिपाही का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह अपने एक अन्य साथी के साथ कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि से जुड़े भूमि कब्जे के कथित मामले में वर्ष 2025 में जेल जा चुका है। उन्होंने बताया कि कई महीने जेल में रहने के बाद वह फिलहाल जमानत पर बाहर है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शेर सिंह के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई पहले से चल रही थी। अब छात्र आंदोलन के दौरान दिए गए कथित 'उकसाने वाले अनर्गल वक्तव्य' के संबंध में भी उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में शेर सिंह यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि भर्ती परीक्षाओं के लीक प्रश्न पत्र 'किराना की दुकानों' पर उपलब्ध हैं। उसने प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाए। जंतर-मंतर पर अपने संबोधन के दौरान शेर सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के समर्थन की घोषणा करते हुए यह भी कहा था कि वह पुलिस सेवा से इस्तीफा दे रहा है। पुलिस अधिकारियों ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि वह पहले से ही निलंबित था और उसके खिलाफ बर्खास्तगी की प्रक्रिया जारी है।
