New Rules : देश में बढ़ते सड़क हादसों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सफर करने से पहले जान लें नए नियम
punjabkesari.in Saturday, Apr 18, 2026 - 11:14 PM (IST)
नेशनल डेस्क : देश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कि हर नागरिक का सड़क पर सुरक्षित होकर चलना मानवाधिकार है, उन्हें कोई दिक्कत न आए ये सरकार की जिम्मेदारी है। नवंबर 2025 में राजस्थान और तेलंगाना में हुए दर्दनाक हादसों के देखते सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला लिया। बता दें कि इस हादसे में 34 लोगों की मौत हुई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं।
नेशनल हाईवे पर गाड़ी रोकने पर लगाया प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे पर गाड़ी रोकने पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। आदेशों का पालन न करने वालों पर कैमरा और GPS ट्रैकिंग के जरिए सख्त कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा। कोर्ट के अनुसार हाइवे पर बनी पार्किंग में ही गाड़ियों का रोकना होग। इसके साथ ही हाईवे किनारे बने अवैध ढाबों, दुकानों और अन्य अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नए निर्माण कार्यों पर भी तत्काल रोक लगाने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने हर जिले में 'हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स' बनाने का आदेश दिया है, जिसमें प्रशासन, पुलिस और NHAI के अधिकारी शामिल होंगे।
हर 75 किलोमीटर पर एंबुलेंस...
सुप्रीम कोर्ट ने सड़क हादसों के बाद तुरंत मदद पहुंचाने के लिए कोर्ट ने हर 75 किलोमीटर पर एंबुलेंस और क्रेन तैनात करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा, जिन जगहों पर बार-बार हादसे होते हैं, यानी ब्लैकस्पॉट्स, उनकी पहचान कर वहां बेहतर लाइटिंग, कैमरे और चेतावनी बोर्ड लगाने के आदेश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चिंता जताई कि देश के कुल सड़क नेटवर्क में नेशनल हाईवे सिर्फ 2 प्रतिशत हैं, लेकिन यहां करीब 30 प्रतिशत सड़क हादसे होते हैं, जो बेहद गंभीर स्थिति है। अदालत ने सभी संबंधित एजेंसियों को 75 दिनों के भीतर इस पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का भी आदेश दिया है।
