राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह की शुरुआत

punjabkesari.in Thursday, Jan 01, 2026 - 07:41 PM (IST)


चंडीगढ़, 1 जनवरी: (अर्चना सेठी) पंजाब सरकार द्वारा राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 की शुरुआत की गई है।

आज यहां किसान भवन में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि ये अनेक परिवारों के जीवन को प्रभावित करती हैं और बहुमूल्य मानव जीवन की क्षति से जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। जब तक सरकार, प्रशासन और आम जनता मिलकर कार्य नहीं करते, तब तक सड़क दुर्घटनाओं में कमी संभव नहीं है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 (एनआरएसएम-26) के दौरान पंजाब भर में व्यापक और बहुआयामी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके अंतर्गत स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए सड़क सुरक्षा संबंधी सेमिनार, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं, क्विज़ कार्यक्रम और इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को कम उम्र से ही ट्रैफिक नियमों के महत्व के प्रति जागरूक किया जा सके।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यावसायिक और निजी ड्राइवरों हेतु विशेष प्रशिक्षण सत्र, भारी वाहनों के चालकों के लिए रिफ्रेशर कोर्स तथा ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, मोबाइल फोन का प्रयोग कर वाहन चलाने, तेज रफ्तार और गलत दिशा में वाहन चलाने के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन मंत्री ने बताया कि नशे की हालत में ड्राइविंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। इसे ध्यान में रखते हुए एनआरएसएम-26 के दौरान राज्य भर में विशेष नाकाबंदी और चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे। इसके साथ ही, पिछले वर्षों के आंकड़ों के आधार पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर इंजीनियरिंग सुधार, संकेतक चिन्ह (साइनेज), स्पीड साइन बोर्ड आदि की व्यवस्था की जाएगी।

मंत्री ने सभी संबंधित विभागों, जिला प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों, औद्योगिक इकाइयों और आम जनता से अपील की कि वे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 की सफलता के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी निर्धारित गतिविधियों को समयबद्ध, प्रभावी और जमीनी स्तर पर लागू करना सुनिश्चित किया जाए तथा विभागों के बीच आपसी समन्वय को और सुदृढ़ किया जाए।

परिवहन मंत्री ने दोहराया कि सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और यह केवल ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग तक सीमित नहीं है। उन्होंने जनता में सुरक्षित सड़क व्यवहार विकसित करने के लिए जागरूकता अभियानों को और तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा फोर्स की स्थापना के बाद राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों—दोनों पर मौतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आम जनता को धुंध के मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और कम दृश्यता की स्थिति में अत्यंत सावधानी और संयम से यात्रा करने की सलाह दी।

लीड एजेंसी (रोड सेफ्टी), पंजाब द्वारा परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से महीने भर चलने वाली गतिविधियों की एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि सड़क सुरक्षा का संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

कार्यक्रम के दौरान आर. वेंकट रतनम, महानिदेशक, लीड एजेंसी ऑन रोड सेफ्टी, पंजाब ने बताया कि प्रत्येक जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरएससी) को सीएफडीएल योजना के तहत प्रति जिला 9.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसमें से 1 लाख रुपये शराब पीकर वाहन चलाने के खिलाफ प्रवर्तन को मजबूत करने हेतु एल्कोमीटर खरीदने के लिए निर्धारित किए गए हैं, विशेष रूप से व्यावसायिक और विशेष श्रेणी के ड्राइवरों की जांच के लिए। उन्होंने यह भी बताया कि धुंध के मौसम में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़े हुए खतरे को ध्यान में रखते हुए, सड़क स्वामित्व वाले विभागों को स्ट्रीट लाइटों की स्थापना/मरम्मत, रोड मार्किंग और अन्य ट्रैफिक सुरक्षा उपायों के लिए तत्काल आधार पर अनुदान का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान की जाने वाली गतिविधियों की विस्तृत सूची 9 दिसंबर 2025 और 30 दिसंबर 2025 को हुई बैठकों में अंतिम रूप दी जा चुकी है और इसे सभी संबंधित विभागों, उपायुक्तों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को क्रियान्वयन हेतु भेज दिया गया है।

पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) अमरदीप सिंह राय ने ट्रैफिक उल्लंघनों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सख्त प्रवर्तन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने राज्य में सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) की स्थापना से हुए महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी, जो वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 4,000 किलोमीटर राष्ट्रीय और राज्य मार्गों की निगरानी कर रही है। उन्होंने बताया कि एसएसएफ की शुरुआत के बाद इन मार्गों पर मौतों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली कुल मौतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान विशेष प्रवर्तन अभियान शराब पीकर वाहन चलाने, ओवर-स्पीडिंग, लेन अनुशासन और अन्य गंभीर उल्लंघनों पर केंद्रित रहेंगे।


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Content Editor

Archna Sethi

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