कोरोना की दूसरी लहर में 1 करोड़ से ज्यादा की गई नौकरी, सबसे ज्यादा असर युवा और पुराने कर्मचारियों पर: सर्वे

2021-06-16T18:52:34.21

नेशनल डेस्क: फार्च्यून 500 सूची की कंपनियों के बीच कराए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान नौकरी गंवाने वालों में सबसे नयी उम्र के और सबसे पुराने कर्मचारी अधिक रहे। भारत में अप्रैल 2021 के दौरान दो हजार लोगों के बीच यह सर्वे कराया गया। वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी एफआईएस द्वारा किए गए इस सर्वे के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर में 55 वर्ष से अधिक आयु वाले छह प्रतिशत कर्मचारियों की नौकरी स्थायी रूप से चली गई। पिछले वर्ष यह आंकड़ा चार प्रतिशत था। वही 24 वर्ष से कम आयु सीमा वर्ग में 11 प्रतिशत कर्मचारियों की नौकरी स्थायी रूप से छूट गयी। यह आंकड़ा पिछले वर्ष दस प्रतिशत था।

भारतीय अर्थव्यवस्था का अध्ययन करने वाले शोध संस्थान सेंसटर फार मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) ने मई में कहा था कि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण देश में एक करोड़ से अधिक भारतीयों की नौकरी चली गयी और बेरोजगारी दर 12 महीने के उच्च स्तर लगभग 12 प्रतिशत को छू गई है। सर्वेक्षण के अनुसार सभी आयु श्रेणी में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अधिक लोगों की नौकरी गई हैं। इस दौरान 18 से 24 आयु वर्ग के नौ प्रतिशत कर्मचारियों को अस्थायी रूप से काम से हटाया गया ।

 पिछले वर्ष इसी आयु वर्ग के 21 प्रतिशत कर्मचारियों की अस्थायी रूप से छुट्टी की गयी थी। वही 55 से अधिक आयु वर्ग में इस वर्ष सात प्रतिशत कर्मचारियों को अस्थायी छंटनी का सामना करना पड़ा, पिछले साल यह आंकड़ा 13 प्रतिशत था। कंपनी ने कहा कि इसके अलावा 18 से 14 आयु वर्ग के 38 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि उन्हों ने 12 महीने के दौरान धोका-धड़ी होते खा , जबकि 25 से 29 आयु की श्रेणी में 41 प्रतिशत कर्मचारियों ने धोखाधड़ी देखने की बात की ।
 


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Content Writer

Anil dev

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