टूलकिट केस: दिशा रवि को कोर्ट ने 1 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

2021-02-22T17:26:45.577

नेशनल डेस्कः दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को 21 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। दिशा को किसानों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित एक ‘टूलकिट' सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने पुलिस को रवि से हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दे दी, जब उसने कहा कि जलवायु कार्यकर्ता का इस मामले में अन्य सह-आरोपियों से आमना-सामना कराने की जरूरत है। 

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वकील निकिता जैकब, इंजीनियर शांतनु मुलुक से पुलिस कर रही पूछताछ
वहीं वकील निकिता जैकब और इंजीनियर शांतनु मुलुक ‘टूलकिट' मामले में जांच में सोमवार को शामिल हुए और द्वारका में दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ के कार्यालय में उनसे पूछताछ की जा रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस बारे में बताया। दिल्ली पुलिस किसानों के आंदोलन के समर्थन में पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए गए ‘‘टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट'' की जांच कर रही है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने बंगलुरु की कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ्तार किया था जबकि मुलुक को एक अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी थी। अधिकारी ने बताया, ‘‘जैकब और मुलुक को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिए गए थे और टूलकिट मामले में उनकी कथित भूमिका के संबंध में फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है।'' 

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उल्लेखनीय है कि पिछले रविवार को अदालत ने रवि को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को गूगल और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों से ‘टूलकिट' बनाने वालों से जुड़े ईमेल आईडी, डोमेन यूआरएल और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देने को कहा था। जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और अन्य ने यह ‘टूलकिट' ट्विटर पर साझा की थी। ‘टूल किट' में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश और सामग्री होती है। दिल्ली पुलिस के ‘साइबर प्रकोष्ठ' ने ‘‘भारत सरकार के खिलाफ सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक युद्ध'' छेड़ने के लक्ष्य से ‘टूलकिट' के ‘खालिस्तान समर्थक' निर्माताओं के खिलाफ चार फरवरी को प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने बताया था कि दस्तावेज ‘टूलकिट' का लक्ष्य भारत सरकार के प्रति वैमनस्य और गलत भावना फैलाना और विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों के बीच वैमनस्य की स्थिति पैदा करना है।


Content Writer

Anil dev

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