Fatty Liver Risks: जिंदगी की ये 5 आदतें चुपचाप बना देती हैं लिवर को खोखला, जानिए किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा
punjabkesari.in Saturday, Oct 17, 2026 - 09:29 AM (IST)
नई दिल्ली: नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) आज एक गंभीर और तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। लिवर में एक्सट्रा वसा (Fat) जमा होने के कारण होने वाली यह बीमारी यदि समय पर न पहचानी जाए, तो लिवर सिरोसिस और कैंसर जैसी जानलेवा बीमरियों का गंभीर रूप ले सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जीवनशैली और खानपान की गड़बड़ियां इसका मुख्य कारण हैं। आईए जानते है इसके Risk Factors और बचाव....
किन लोगों को है फैटी लिवर का सबसे ज्यादा खतरा?
1. मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम
पेट और कमर के आसपास जमने वाली जिद्दी चर्बी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ावा देती है। यह स्थिति लिवर में सूजन (Inflammation) पैदा करती है, जिससे NAFLD का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
2. टाइप 2 डायबिटीज
इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज के मरीजों के शरीर में शुगर और फैट का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। इसके चलते लिवर कोशिकाओं में फैट जमा होने लगता है।
3. सुस्त जीवनशैली
दिनभर एक ही जगह बैठे रहना, physical activity की कमी और कसरत न करना शरीर में फैट के जमाव को बढ़ाता है। नियमित वॉक, साइकिलिंग, स्विमिंग या योग न करने से लिवर का स्वास्थ्य बिगड़ता है।
4. अस्वास्थ्यकर खानपान
अधिक चीनी, प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और सैचुरेटेड फैट युक्त भोजन लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। संतुलित आहार की कमी लिवर डिजीज का सीधा कारण बनती है। इसके अलावा बढ़ती उम्र और पुरुषों में इसका जोखिम तुलनात्मक रूप से अधिक देखा जाता है।
5. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS), स्लीप एप्निया और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं और कुछ विशेष दवाओं के लंबे समय तक सेवन का असर भी लिवर पर पड़ सकता है।
फैटी लिवर से कैसे करें बचाव करें
- प्रतिदिन 30-40 मिनट की शारीरिक गतिविधि या एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
- अपनी डाइट में साबुत अनाज, ताजे फल, हरी सब्जियां और लीन प्रोटीन शामिल करें। अनहेल्दी फैट से दूरी बनाएं और ओमेगा-3 जैसे हेल्दी फैट्स चुनें।
- अगर यह नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर है, फिर भी लिवर को अतिरिक्त नुकसान से बचाने के लिए अल्कोहल का सेवन पूरी तरह बंद करना चाहिए।
-ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखें।
-लिवर को अतिरिक्त संक्रमणों से सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टर की सलाह से हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाएं।
Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की गई है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
