Matrimonial Site पर मुलाकात के बाद हुआ प्यार, फिर धीरे-धीरे दोनों के बीच बने संबंध, जिसके बाद...

punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 11:06 AM (IST)

Matrimonial Site Fraud Case Maharashtra : नवी मुंबई के एक 43 वर्षीय सरकारी कर्मचारी के लिए शादी की तलाश किसी बुरे सपने जैसी साबित हुई। एक महिला ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और फिर झूठे रेप केस का डर दिखाकर उससे 42.87 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़ित ने यह रकम अपनी बहन के गहने गिरवी रखकर और कर्ज लेकर चुकाई लेकिन जब ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी तो उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

साजिश की पूरी कहानी: भरोसे से ब्लैकमेलिंग तक

पुलिस के अनुसार पीड़ित और महिला की मुलाकात एक प्रसिद्ध मैट्रिमोनियल साइट पर हुई थी। पहले दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई जिसे महिला ने धीरे-धीरे प्यार और शादी के वादे में बदल दिया। इस दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने जिसे महिला ने बाद में एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। संबंध बनने के बाद महिला का असली चेहरा सामने आया। उसने पीड़ित को धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो वह उस पर बलात्कार (Rape) का केस दर्ज करा देगी।

बहन के गहने गिरवी रखे, फिर भी नहीं भरा पेट

अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और नौकरी बचाने के डर से पीड़ित ने महिला की हर मांग पूरी की। उसने नकद और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 43 लाख रुपये दिए। इस भारी रकम का इंतजाम करने के लिए उसने अपनी बहन के जेवर तक गिरवी रख दिए। आखिरकार मानसिक तनाव असहनीय होने पर पीड़ित ने पुणे के भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशन में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

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पुणे और पिंपरी-चिंचवड़: ठगों का नया गढ़

आंकड़े बताते हैं कि महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ इलाकों में इस तरह की साइबर ठगी का जाल तेजी से फैला है। सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच ही 30 से 35 बड़े मामले दर्ज हुए हैं। इन मामलों में ठगी का आंकड़ा कई करोड़ों में पहुंच चुका है।

कैसे फंसाते हैं ये अपराधी? (Modus Operandi)

साइबर अपराधी बहुत शातिर तरीके से शिकार चुनते हैं:

  1. फर्जी प्रोफाइल: खुद को NRI, डॉक्टर, आर्मी ऑफिसर या बड़े बिजनेस का CEO बताते हैं।

  2. इमोशनल ड्रामा: पहले महीनों तक बात कर भावनात्मक रिश्ता बनाते हैं।

  3. गिफ्ट का लालच: महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा देकर कस्टम ड्यूटी या इमरजेंसी के नाम पर पैसे मांगते हैं।

  4. डिजिटल अरेस्ट और धमकी: कुछ मामलों में 'डिजिटल अरेस्ट' या ब्लैकमेलिंग का सहारा लेते हैं।

सावधान! आप भी हो सकते हैं निशाना

ये गिरोह खासतौर पर IT प्रोफेशनल्स, तलाकशुदा या विधवा महिलाओं और उच्च शिक्षित लोगों को टारगेट करते हैं।

 


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Content Editor

Rohini Oberoi

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