जंतर-मंतर पर बिगड़ सकते हैं हालात, प्रदर्शन के बीच मंडराया तेजी से बीमारियां फैलने का खतरा

punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2026 - 04:01 PM (IST)

नेशनल डेस्क: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन स्थल जंतर- मंतर पर भारी भीड़ उमड़ने के बीच संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। भीषण गर्मी, उमस और धरना स्थल पर उमड़ी भीड़ में शामिल लोगों में सिरदर्द और गले में दर्द की शिकायतों के साथ वायरल बुखार तेजी से फैलने की आशंका है। खांसने और छींकने से एक-दूसरे में फैल रहे इस संक्रमण ने प्रदर्शनकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद स्वयंसेवी डॉक्टरों ने दावा किया है कि भीड़भाड़ और खुले में रहने के कारण बड़ी संख्या में लोग वायरल संक्रमण, निर्जलीकरण (डीहाइड्रेशन) और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पंजाब से आयीं 'फाइव रिवर हार्ट एसोसिएशन' की डॉ. शिल्पा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उनके पास गले में दर्द, सिरदर्द और तेज बुखार की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार शाम तक 200 से अधिक लोगों को पैरासिटामोल और इससे संबंधित दूसरी दवाइयां दी गई हैं।

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जंतर- मंतर पर प्रदर्शनकारियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहीं डॉ. शिल्पा के अनुसार, कई लोग खुले में जमीन पर सो रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोग मधुमेह और उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए आ रहे हैं। कुछ लोग दवाइयां साथ नहीं ला सके या भीड़ में उनकी दवाइयां गुम हो गईं तो ऐसे लोगों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।" उन्होंने बताया कि कई लोग पर्याप्त भोजन नहीं कर रहे हैं जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ रही है तथा उन्हें मतली, उल्टी और निर्जलीकरण (डीहाइड्रेशन) की शिकायत हो रही है।

डॉक्टर ने बताया कि ऐसे लोगों को प्रदर्शन स्थल पर भोजन और ओआरएस दिया जा रहा है। पंजाब के पटियाला से आए एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि भीड़ अधिक होने के कारण खांसी और छींक के जरिए संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल रहा है। उन्होंने कहा कि वायरल संक्रमण के अलावा लोग खांसी, पैरों में मोच आने और छोटी-मोटी चोटों की शिकायत लेकर भी पहुंच रहे हैं। डॉक्टर ने बताया कि उनकी टीम के साथ आसपास के मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर भी स्वयंसेवक के रूप में काम कर रहे हैं जो अपनी ड्यूटी पूरी होने के बाद यहां आ रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर चार.पांच स्वयंसेवक डाक्टरों की टीम हर वक्त मौजूद रहती है। उन्होंने कहा कि टीम के पास दर्द निवारक दवाएं, एंटीबायोटिक, जख्मों पर लगाने वाले मरहम, ओआरएस, एलर्जी, मधुमेह और रक्तचाप की दवाएं तथा कफ सिरप उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग दवाइयों का दान भी कर रहे हैं।

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पीयू (22) नामक एक छात्रा ने पैरासिटामोल, ओआरएस, पट्टियां और प्राथमिक उपचार का सामान दान दिया है। डॉ. शिल्पा ने बताया कि कई लोग मोच या पैर मुड़ने की शिकायत लेकर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब पुलिस लाठी उठाती है या लोगों को पीछे करती है तो वे भागते हैं जिस दौरान उनके पैर मुड़ जाते हैं और मोच की समस्या हो जाती है। आजाद मार्केट निवासी रोशनआरा प्रदर्शन में शामिल होने आई थीं और उनके पैर में मोच आने पर उन्हें टीम ने दर्द निवारक स्प्रे दिया। डा. शिल्पा के अनुसार, कुछ लोगों को सोमवार को 'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के दौरान लाठियां लगी थीं और उन लोगों ने तब अपना इलाज नहीं कराया था जिससे उनकी चोटों में अब संक्रमण हो गया है।

प्रदर्शन में शामिल 64 वर्षीय आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें ठीक महसूस नहीं हो रहा था तो वह यहां जंतर मंतर स्मारक के पास बैठी डॉक्टरों की टीम के पास इलाज कराने आए तो उनका रक्तचाप बढ़ा हुआ मिला। उन्होंने बताया कि यहां उन्हें तुरंत दवाई दी गई जिससे उन्हें राहत मिली है। श्रीवास्तव ने कहा कि वह पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन स्थल पर आए हैं। उनका कहना था कि बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। इस साल नीट परीक्षा पेपर लीक के मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने यहां जंतर.मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। 


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News Editor

Radhika

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