Moscow Refinery Attack: मॉस्को में ‘काली बारिश’ से मचा हड़कंप, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

punjabkesari.in Friday, Jun 19, 2026 - 03:05 PM (IST)

Moscow Drone Attack: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के बीच मॉस्को एक असामान्य स्थिति का सामना कर रहा है। यूक्रेन द्वारा किए गए बड़े ड्रोन हमले के बाद मॉस्को के कुछ इलाकों में लोगों ने आसमान से काले रंग के तैलीय कण गिरने की शिकायत की है।  

रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन ने रूस के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़ी संख्या में ड्रोन भेजे। इन हमलों के दौरान मॉस्को के पास स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में आग लग गई। आग और विस्फोटों के कारण आसमान में घना धुआं फैल गया, जिसके बाद आसपास के रिहायशी इलाकों में काले रंग के कण और तैलीय पदार्थ गिरने की घटनाएं सामने आईं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। इन वीडियो में वाहनों, मकानों की खिड़कियों और सड़कों पर काली चिपचिपी परत दिखाई दे रही है। कुछ लोगों ने उस पदार्थ को हाथ लगाकर भी दिखाया, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आग से निकले अवशेष हवा के जरिए आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच गए।

प्रशासन ने जारी की स्वास्थ्य सलाह
शुरुआत में स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को सामान्य बताने की कोशिश की, लेकिन बाद में नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सलाह जारी की गई। लोगों से कहा गया कि वे अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि धुएं और संभावित जहरीले तत्वों का असर कम हो सके। अधिकारियों ने विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी। कुछ क्षेत्रों के निवासियों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की भी सलाह दी गई।

 लोगों ने बताए अपने अनुभव
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद उनके कपड़ों और वाहनों पर काले धब्बे पड़ गए, जिन्हें साफ करना आसान नहीं था। कई लोगों ने हवा में तेज गंध और धुएं की मौजूदगी महसूस होने की भी बात कही।

 रूस का दावा
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि देशभर में बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि, इसके बावजूद कुछ हमले महत्वपूर्ण ठिकानों तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे बुनियादी ढांचे और पर्यावरण पर असर पड़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल रिफाइनरी में लगी आग से निकलने वाला धुआं और राख आसपास के क्षेत्रों में फैल सकती है। इससे वायु गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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