यासीन मलिक मामले में मोनिका कोहली मुख्य अभियोजक नियुक्त

2021-01-13T12:37:35.95

जम्मू: ) जेकेएलएफ प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक के खिलाफ आरोप तय किए जाने के बाद सीबीआई ने अपनी वरिष्ठ वकील मोनिका कोहली को बतौर मुख्य अभियोजक नियुक्त किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विशेष टाडा अदालत ने 31 साल पहले तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबाया सईद के अपहरण और करीब तीन दशक पहले श्रीनगर के बाहरी इलाके में भारतीय वायु सेना के चार जवानों की हत्या से जुड़े मामले में जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक के खिलाफ आरोप तय किये हैं।

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वरिष्ठ वकील कोहली पिछले सात वर्षों से सीबीआई की ओर से पेश हो रही हैं और वह घाटी में 1989-90 के दौरान हुए दो चर्चित मामलों में मलिक की जमानत याचिका का सफलतापूर्वक विरोध कर चुकी हैं। अधिकारियों ने बताया कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने कोहली को बतौर वरिष्ठ विशेष अभियोजक और एसके भट को विशेष लोक अभियोजक के तौर पर नियुक्ति के लिए सक्षम प्राधिकारी को मंजूरी के बाबत सूचना दे दी है। मलिक इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अप्रैल 2019 में आतंकवाद के वित्तपोषण के एक मामले में मलिक को गिरफ्तार किया था। इससे एक महीने पहले ही केंद्र सरकार ने मलिक के संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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विशेष टाडा अदालत ने जनवरी 1990 में श्रीनगर के बाहरी इलाके में भारतीय वायु सेना के चार जवानों की हत्या से जुड़े एक अन्य मामले में पिछले साल मार्च में जेकेएलएफ प्रमुख और छह अन्य के खिलाफ आरोप तय किये थे। विशेष टाडा अदालत ने रुबाया सईद के अपहरण मामले में सोमवार को मलिक और नौ अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।

जेकेएलएफ के सदस्यों ने आठ दिसंबर 1989 को श्रीनगर से रुबैया सईद का अपहरण कर लिया था और विभिन्न जेलों में बंद अपने साथियों को छोडऩे की मांग की थी।


 


Monika Jamwal

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