नारी सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की मोदी की गारंटी है, चुनावी जनसभा में ममता सरकार पर जमकर बरसे PM
punjabkesari.in Sunday, Apr 05, 2026 - 05:19 PM (IST)
नेशनल डेस्क: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर बंगाल के कूचबिहार में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। रैली स्थल पर पहुंचने से पहले ही प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर भारी भीड़ की तस्वीरें साझा करते हुए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर सीधा प्रहार किया।
घुसपैठियों को बंगाल से बाहर करेगी बीजेपी
कूच विहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "इस बार बंगाल में एक ओर TMC का भय है और इसका मुकाबला करने के लिए आपके पास भाजपा का भरोसा है। एक ओर TMC के 'कट मनी' और 'करप्शन' का भय है। दूसरी ओर विकास को तेज रफ्तार देने वाली भाजपा का भरोसा है। एक ओर घुसपैठ कराकर, विदेशियों को यहां बसाने का भय है। दूसरी ओर घुसपैठ रोक कर सारे घुसपैठियों को बंगाल से बाहर करने का भाजपा का भरोसा है। एक ओर बदलती जनसांख्यिकी से अपनी ही जमीन पर आजादी छिनने का भय है।
सिंडिकेट राज में अपनी संपत्ति लुटने का भय
दूसरी ओर अपनी माटी पर गर्व के साथ सिर उठाकर जीने का, अटल भरोसा देने वाली भाजपा है। एक ओर सिंडिकेट राज में अपनी संपत्ति लुटने का भय है। दूसरी ओर सिर पर पक्का घर और जमीन के मालिकाना हक का भरोसा है। एक ओर संदेशखाली जैसी बहनों की चीखें और बेटियों पर होता निर्मम अत्याचार है। दूसरी ओर नारी शक्ति को सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की मोदी की गारंटी है।
चुनाव बाद हिंसा रोकी जाएगी बीजेपी
भाजपा के सत्ता में आने पर प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहले राज्य में कानून-व्यवस्था स्थापित की जाएगी, चुनाव बाद हिंसा रोकी जाएगी और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाएगा। घुसपैठ को पार्टी का ''मुख्य मुद्दा'' बताते हुए उन्होंने कहा कि नीति स्पष्ट होगी, ''घुसपैठियों की पहचान, हिरासत और निर्वासन।'' उन्होंने इस चुनाव को केवल भाजपा और तृणमूल के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि एक निर्णायक सभ्यतागत संघर्ष बताया। '
बंगाली अपनी पहचान से समझौता नहीं करेंगे
हिंदी-हिंदू-हिंदुस्तान' संस्कृति थोपने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाली अपनी पहचान से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष और हिंसामुक्त चुनाव की उम्मीद व्यक्त की। मुस्लिम मतदाताओं से अपील की कि वे मुख्यधारा से जुड़ें, बच्चों को शिक्षित करें और तुष्टीकरण की राजनीति से दूर रहें।
