PM Modi Gift to Melonie:  इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को PM मोदी ने दिया ये खास तोहफा

punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 05:11 PM (IST)

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी हाल ही में संपन्न पांच देशों की यात्रा के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मूगा रेशम का स्टॉल, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन को मछली के रूपांकनों वाली मधुबनी पेंटिंग और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन को लद्दाखी शुद्ध ऊन का स्टॉल भेंट किया। अधिकारियों ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान, मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को केसर आम और मेघालय के अनानास, आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रन फ्रॉस्टडॉटिर को शेरपा तेनजिंग नोर्गे द्वारा इस्तेमाल की गई 'आईस एक्स' की प्रतिकृति और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन को बिदरी पच्चीकारी वाला चांदी का एक फूलदान भेंट किया। मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा की। मेलोनी को उपहार में दिया गया मूगा रेशम का स्टॉल ब्रह्मपुत्र घाटी का एक दुर्लभ और प्रतिष्ठित वस्त्र है।

ये भी पढ़ें- Cockroach Janata Party Political Connection: क्या हैं CJP का 'AAP' कनेक्शन? साथ ही जानें पार्टी के Manifesto के 5 बड़े वादे

मूगा रेशम को असम का 'सुनहरा रेशम' कहा जाता है और यह अपने प्राकृतिक सुनहरे रंग एवं सादगीपूर्ण सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। अधिकारियों ने बताया कि इटली की विख्यात विलासितापूर्ण वस्त्रों और कालातीत डिजाइन की परंपरा असम के 'सुनहरे रेशम' की भव्यता में स्वाभाविक रूप से झलकती है। इटली की प्रधानमंत्री को शिरुई लिली रेशम का स्टॉल भी भेंट किया गया जो मणिपुर के शिरुई काशोंग शिखर की कोहरे में लिपटी पहाड़ियों की खूबसूरती से प्रेरित है। यह दुर्लभ शिरुई लिली से प्रेरित है, जो हल्के गुलाबी-सफेद पंखुड़ियों वाला घंटी के आकार का एक नाजुक फूल होता है तथा दुनिया में कहीं और नहीं खिलता है।

मणिपुर के तंगखुल नगा समुदाय के लिए, शिरुई लिली पवित्रता, पहचान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। इटली में भी इस लिली का गहरा सांस्कृतिक महत्व है, जहां यह लंबे समय से पवित्रता, शालीनता और कलात्मक परिष्कार का प्रतीक रहा है और पुनर्जागरण काल ​​की कला में अक्सर इसकी उपस्थिति देखी जा सकती है। इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला को संगमरमर की नक्काशीदार संदूकची भेंट की गयी जिसमें प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी और कर्नाटक संगीत गायिका एम एस सुब्बुलक्ष्मी की सीडी थीं। यह संदूकची अपने आप में भारत की हस्तशिल्प कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आगरा के कुशल कारीगरों से गहराई से जुड़ी है। पच्चीकारी या पिएत्रा दुरा की जटिल कला की परंपरा की उत्पत्ति इटली के फ्लोरेंस में मानी जाती है, जिसके बाद शाही संरक्षण में भारत में यह और फली-फूली। फलस्वरूप यह दोनों देशों के बीच एक उल्लेखनीय कलात्मक सेतु बन गया है।

ये भी पढ़ें- Ebola Virus In India: इबोला वायरस को लेकर अलर्ट हुई केंद्र सरकार, इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स के लिए जारी की सख्त एडवाइजरी

नीदरलैंड के राजा विलियम-अलेक्जेंडर को उपहार में जयपुर के ब्ल्यू पॉटरी के बर्तन भेंट किए गए। यह एक जीआई-टैग प्राप्त कला शैली है जिसकी जड़ें भारत में गहरी हैं और यह अपने जीवंत कोबाल्ट नीले, सफेद एवं पीले डिज़ाइनों के लिए प्रसिद्ध है। यह भारतीय शिल्प कौशल का एक प्रतिष्ठित प्रतीक है, जो पारंपरिक कला और समकालीन डिज़ाइन का मिश्रण है। अधिकारियों ने कहा कि नीदरलैंड की उत्कृष्ट 'डेल्फ़्ट ब्लू पॉटरी' के उत्पादन की विश्व-प्रसिद्ध विरासत के साथ, ये बर्तन कलात्मक उत्कृष्टता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

नीदरलैंड की महारानी मैक्सिमा को मीनाकारी और कुंदन के झुमके उपहार में दिए गए। ये झुमके राजस्थान की शाही शिल्पकला से उत्पन्न भारतीय आभूषण शिल्प कौशल की उत्कृष्ट परंपराओं का प्रतीक हैं। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन को मछली की आकृति वाली मधुबनी पेंटिंग उपहार में दी गई। मधुबनी पेंटिंग मिथिला क्षेत्र की एक लोक कला है जिसे जीआई टैग प्राप्त है और यह अपने जटिल ज्यामितीय पैटर्न और जीवंत रंगों के लिए जानी जाती है।a


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Radhika

Related News