PM मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाले विक्रम साव को मिली सिक्योरिटी, जानिए कौन उठाएगा खर्चा
punjabkesari.in Saturday, May 23, 2026 - 02:44 PM (IST)
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल से बीते दिन पीएम मोदी को झालमुरी खिलाने वाले दुकानदार को जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया था। उसे लेकर अब ऐसी जानकारी सामने आई है कि सरकार की तरफ से झालमुरी विक्रेता को कड़ा सुरक्षा घेरा (Security Cover) दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि इस छोटे से दुकानदार को विदेशों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
दुकान के बाहर CRPF और पुलिस बल किया तैनात
पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाले स्थानीय वेंडर विक्रम साव को धमकी मिलने की रिपोर्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सरकार ने विक्रम की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए दुकान के बाहर CRPF और स्थानीय पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया है। एक मामूली सी दुकान चलाने वाले की दुकान के बाहर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती अब राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।
कौन उठाएगा खर्च?
झालमुरी विक्रेता विक्रम साव को अचानक मिली इस सुरक्षा के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि इसका खर्च कौन उठाएगा। सामने आई रिपोट्स में पता चला है कि इसका खर्च भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) के बजट से उठाया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि भारत सुरक्षा के नियमों के मुताबिक अगर ऐसे किसी को सुरक्षा दी जाती है तो इसका खर्च सरकार खुद उठाती है, न कि वह व्यक्ति। ऐसे में अब विक्रम साव को को अपनी जेब से एक रुपया भी खर्च नहीं करना होगा।
कब दी जाती है आम नागरिक को केंद्रीय सुरक्षा?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सामान्यत: CRPF या CISF की तैनाती केवल मंत्रियों, वीआईपी या बड़े अधिकारियों को ही दिए जाते हैं। वहीं देश का गृह मंत्रालय और खुफिया एजेंसियां यह मानती हैं कि किसी आम नागरिक की जान को किसी विशेष घटना, राजनीतिक कारण या सामाजिक स्थिति की वजह से बड़ा और वास्तविक खतरा है, तो स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे अस्थायी या स्थायी तौर पर केंद्रीय सुरक्षा कवच दिया जा सकता है।
