आधुनिक युद्ध अब सीमाओं तक सीमित नहीं बल्कि ''कोड'' और ''क्लाउड'' तक लड़े जा रहे हैं : मोदी

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 01:00 AM (IST)

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की ताकत और उसके सशस्त्र बलों की वीरता को साबित किया और स्वदेशी हथियारों की प्रगति को प्रदर्शित किया है। उन्होंने दिल्ली छावनी में आयोजित वार्षिक एनसीसी प्रधानमंत्री रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध में, लड़ाई केवल सीमाओं या टैंक या तोप के उपयोग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘कोड और क्लाउड' में भी लड़ी जा रही है।' उनका संदर्भ साइबर और सूचना युद्ध से था।

प्रधानमंत्री ने करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एनसीसी द्वारा प्रस्तुत ऑपरेशन सिंदूर थीम पर आधारित विशेष झांकी पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एनसीसी कैडेट के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के दौरान, देश भर में 75,000 से अधिक राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट ने स्वेच्छा से नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, आपदा राहत और सामुदायिक सेवाओं में अथक परिश्रम किया। मोदी ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की ताकत और उसके सशस्त्र बलों की वीरता को फिर से साबित किया। इसने उन्नत स्वदेशी हथियारों भी प्रदर्शित किया।''

प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि प्रौद्योगिकी में पिछड़ने वाले राष्ट्र न केवल अर्थव्यवस्था में बल्कि सुरक्षा में भी कमजोर हो जाते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि युवाओं द्वारा किए गए नवाचार देशभक्ति को मजबूत करते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी द्वारा दिया जाने वाला प्रशिक्षण केवल परेड ग्राउंड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘राष्ट्र प्रथम' की भावना भी पैदा करता है, जो कैडेट को कठिन समय में देश के लिए पूरी ताकत से काम करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में तकनीक उन्मुक्त और नवोन्मेषी युवाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं, क्योंकि रक्षा क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, ‘मेड इन इंडिया' के तहत ड्रोन विकसित किए जा रहे हैं और कृत्रिम मेधा (एआई) और रक्षा नवाचार बलों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से इन संभावनाओं का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश ने हाल ही में 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया और उन्होंने इस अवसर पर नागरिकों को एक पत्र लिखा था। मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस संविधान द्वारा प्रदत्त जिम्मेदारी और अधिकारों का उत्सव है। उन्होंने साथ ही रेखांकित किया कि भारत में दुनिया में सबसे अधिक युवा मतदाता हैं। प्रधानमंत्री ने देश में एक नई परंपरा शुरू करने का आह्वान किया और प्रस्ताव रखा कि एनसीसी, एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) और माय यंग इंडिया संगठन हर साल 25 जनवरी को पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को सम्मानित करने के लिए एक ‘भव्य कार्यक्रम' आयोजित करें। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से युवाओं में जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी और लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘एक विकसित भारत केवल आर्थिक समृद्धि तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने नागरिकों के आचरण पर भी निर्भर करता है, जिन्हें अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।''

मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं में मोटापे का मुद्दा उठाया और उन अध्ययनों का हवाला दिया जिनमें यह बताया गया है कि भारत में हर तीन में से एक व्यक्ति भविष्य में मोटापे से पीड़ित हो सकता है, जिससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, और युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होता है। प्रधानमंत्री ने इस मामले में सतर्कता पर जोर दिया और तेल का सेवन कम करने का आग्रह किया। उन्होंने खाने में तेल की खपत को 10 प्रतिशत तक कम करने की अपनी पहले की अपील दोहराई।

उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित प्रत्येक युवा से अपील की कि वे प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक घंटा स्वच्छता संबंधी अभियान के लिए समर्पित करें और किसी चयनित स्थान पर कोई गतिविधि आयोजित करने की योजना बनाएं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी इस अवसर पर उपस्थित थे। 


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News Editor

Parveen Kumar

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