लद्दाख पर MHA का बड़ा फैसला- LG से छीनी ये बड़ी पावर, गृह मंत्रालय ने इस वजह से लिया फैसला
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 04:35 PM (IST)
नेशनल डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर (LG) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। लद्दाख के मौजूदा LG से Delegated Financial Powers वापस ले ली हैं। इन शक्तियों का उपयोग अब सीधे भारत सरकार का गृह मंत्रालय करेगा। नई गाइडलाइंस के अनुसार MHA के पास अब LG के पास पहले से मौजूद ₹100 करोड़ रुपये तक की स्कीम और प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की पावर होगी।
किन अधिकारियों की शक्तियाँ हुईं कम?
यह बदलाव केवल LG तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य अधिकारियों की वित्तीय शक्तियों में भी कटौती की गई है। ₹20 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की वित्तीय शक्ति अब MHA को दे दी गई है। इन्हें भी ₹3 करोड़ से ₹10 करोड़ के बीच के अलग-अलग कामों को मंजूरी देने की शक्तियों का उपयोग करने से रोक दिया गया है। ₹100 करोड़ तक की स्कीम/प्रोजेक्ट्स की मंजूरी, जो पहले LG के पास थी अब MHA देगा।

MHA के पास क्यों गईं ये शक्तियाँ?
सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक यह है कि डिपार्टमेंट के हेड और डिप्टी कमिश्नरों की ₹5 करोड़ तक के अलग-अलग कामों को मंजूरी देने की शक्तियों को वापस ले लिया गया है और ये शक्तियाँ MHA के पास चली गई हैं। चूँकि लेह हिल काउंसिल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और उसे भंग कर दिया गया है (शक्तियाँ डिप्टी कमिश्नर लेह को दी गई हैं) और कारगिल हिल काउंसिल भी बनी हुई है। ऐसे में इन अधिकारियों के लिए असल में काम करना मुश्किल हो गया था।

MHA के आदेश में क्या कहा गया?
लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता ने MHA के निर्देशों के आधार पर इस संबंध में एक ऑर्डर जारी किया है। MHA के ऑर्डर में साफ कहा गया है कि "प्रोजेक्ट्स/स्कीमों के अप्रेजल और अप्रूवल के सभी नए प्रपोजल, आवश्यक अप्रूवल के लिए सीधे मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स को सबमिट किए जाएँगे।"MHA को सबमिट किए जाने वाले सभी प्रस्ताव प्लानिंग डेवलपमेंट एंड मॉनिटरिंग डिपार्टमेंट, लद्दाख के माध्यम से भेजे जाएँगे। यह स्पष्ट किया गया है कि सभी चल रही स्कीम/प्रोजेक्ट्स (जिनको पहले ही एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल मिल चुका है या टेंडर किया जा चुका है) पहले दी गई शक्तियों के तहत ही चलते रहेंगे।
अधिकारियों के पास बची हुई शक्तियाँ
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा लेफ्टिनेंट गवर्नर (LG) से बड़ी वित्तीय शक्तियाँ वापस लिए जाने के बावजूद लद्दाख के विभिन्न अधिकारियों को आकस्मिक और विविध खर्चों के लिए कुछ शक्तियाँ बरकरार रखी गई हैं। LG लद्दाख के पास बजटीय सीमा के भीतर आकस्मिक और विविध खर्च करने की पूरी शक्ति होगी। इसके अलावा चीफ सेक्रेटरी को ₹1 करोड़ रुपये तक फाइनेंस सेक्रेटरी को ₹75 लाख रुपये तक, एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी को ₹50 लाख रुपये तक और HoD को ₹30 लाख रुपये तक के ऐसे खर्चों को मंजूरी देने का अधिकार दिया गया है।
