Match Fixing: फिक्सिंग के आरोपों के बाद 10 खिलाड़ी और 4 फ्रेंचाइजी जांच के घेरे में... मचा बवाल
punjabkesari.in Friday, Jan 31, 2025 - 11:16 AM (IST)
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नेशनल डेस्क: बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में मैच फिक्सिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें 10 खिलाड़ी और 4 फ्रेंचाइजी अब जांच के दायरे में हैं। इन 10 खिलाड़ियों में से 6 खिलाड़ी बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में खेल चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंटी करप्शन यूनिट (ACU) अब BPL के पिछले 8 मैचों की जांच कर रही है। द डेली स्टार द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
द डेली स्टार की रिपोर्ट में खुलासा
द डेली स्टार की रिपोर्ट में कहा गया है कि एंटी करप्शन यूनिट के रडार पर अब कुल 10 खिलाड़ी हैं, जिनमें से 6 बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम के सदस्य रहे हैं। इसके अलावा 2 अनकैप्ड खिलाड़ी और 2 विदेशी खिलाड़ी भी इस फिक्सिंग मामले में शामिल हैं। गेंदबाजों पर ज्यादा वाइड बोल करने और बल्लेबाजों पर जानबूझकर धीमी बल्लेबाजी करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
10 cricketers are suspected of fixing in the BPL. AKSU is investigating them. It is expected that several Bangladeshi cricketers will be banned in the next few days. #BPL2025
— Mominul Islam (@MominulCric) January 30, 2025
जांच के तहत मैचों की सूची:
- फॉर्च्यून बारिशाल बनाम राजशाही (6 जनवरी)
- रंगपुर राइडर्स बनाम ढाका (7 जनवरी)
- ढाका बनाम सिलहट (10 जनवरी)
- राजशाही बनाम ढाका (12 जनवरी)
- चटगांव बनाम सिलहट (13 जनवरी)
- बारिशाल बनाम खुलना टाइगर्स (22 जनवरी)
- चटगांव बनाम सिलहट (22 जनवरी)
- राजशाही बनाम रंगपुर (23 जनवरी)
Chittagong Kings dominated proceedings with a 96-run win over Sylhet Strikers at Mirpur's Sher-e-Bangla National Cricket Stadium today to ensure a spot in the playoffs with a game left in hand.#Sports #Cricket https://t.co/erVJSUQSHB
— The Daily Star (@dailystarnews) January 30, 2025
जांच के दायरे में आने वाली फ्रेंचाइजियां:
- दरबार राजशाही
- ढाका कैपिटल
- सिलहट स्ट्राइकर्स
- चटगांव किंग्स
बीसीबी अधिकारी की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के एक अधिकारी ने द डेली स्टार को बताया कि बीसीबी के सीईओ निजामुद्दीन चौधरी और अध्यक्ष फारूक अहमद दोनों को यह चिंता है कि जब एसीयू के अधिकारी टीमों के साथ होते हैं, तो वे किस तरह से निष्पक्षता से काम कर सकते हैं, जब उनके खर्चों का ध्यान उन फ्रेंचाइजी द्वारा रखा जाता है। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में कुछ फ्रेंचाइजी के पक्ष में पक्षपाती व्यवहार हो सकता है।
फिक्सिंग में संलिप्त खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना
कहा जा रहा है कि एंटी करप्शन यूनिट इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, और आने वाले दिनों में कई बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर बैन लगाया जा सकता है।