सावधान! खतरे में हैं भारत के 4 राज्यों के यह तीन इलाके, साइक्लोन ''दित्वा'' ने मचाया कहर, लोगों की बढ़ी टेंशन
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 03:42 PM (IST)
नेशनल डेस्क। भारत के लिए हाल ही में चर्चा में आए दो मौसमी सिस्टम ने बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात 'दित्वा' (Ditwah) और लगातार कमजोर होते 'सेनयार' (Senyar) का संयुक्त प्रभाव दक्षिण भारत के कई राज्यों में व्यापक और भारी वर्षा की स्थिति पैदा कर सकता है। तटीय इलाकों में मौसम बिगड़ने के संकेत तेज़ हो गए हैं।
'दित्वा' हुआ संगठित, तट की ओर बढ़ा खतरा
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चक्रवात में तब्दील: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव गुरुवार को और संगठित होकर एक पूर्ण चक्रवाती तूफान 'दित्वा' में बदल गया।
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प्री-साइक्लोन अलर्ट: इस संभावित खतरनाक सिस्टम को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्री-साइक्लोन अलर्ट जारी कर दिया है।
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रुख: चक्रवात का मुख्य रुख उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों की ओर है। इन क्षेत्रों में 30 नवंबर तक मौसम बेहद खराब रहने की चेतावनी दी गई है।
IMD बुलेटिन: तूफान की वर्तमान स्थिति
शुक्रवार को जारी IMD बुलेटिन के अनुसार चक्रवाती तूफान की स्थिति इस प्रकार थी:
| स्थान | दूरी |
| कराइकल से | 320 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व |
| पुडुचेरी से | 430 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व |
| चेन्नई से | 530 किमी दक्षिण |
आगे की संभावना
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चक्रवाती तूफान शुक्रवार को श्रीलंका तट को पार करेगा।
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इसके बाद यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से होते हुए उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ता रहेगा।
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30 नवंबर की सुबह तक इसके उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास पहुंचने की आशंका है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह चक्रवात समुद्र में ऊपर की ओर गति करेगा और तमिलनाडु के तट के समानांतर आगे बढ़ेगा जिससे इन क्षेत्रों में व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
सरकारी स्तर पर तैयारी और चेतावनी
मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी के बाद संबंधित राज्यों की सरकारों ने तत्काल तैयारी शुरू कर दी है:
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कलेक्टरों को निर्देश: कावेरी डेल्टा जिलों और अन्य तटीय क्षेत्रों के कलेक्टरों को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
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बचाव कार्य: उन्हें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उचित बचाव और राहत उपाय तत्काल शुरू करने की सलाह दी गई है।
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मछुआरों को चेतावनी: सुरक्षा के मद्देनज़र मछुआरों को समुद्र में प्रवेश न करने की स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है।
