ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट, राजनीति में बेदाग रिकॉर्ड… जानिये कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह, जो बनने जा रहे हैं मणिपुर के नए मुख्यमंत्री

punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 11:28 PM (IST)

नेशनल डेस्क: लंबे समय तक हिंसा और लगभग एक साल के राष्ट्रपति शासन के बाद अब मणिपुर में चुनी हुई सरकार का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई विधायक दल की बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से नेता चुना है। इसके साथ ही यह तय हो गया है कि वे राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

मंगलवार (3 फरवरी 2026) को हुई इस अहम बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, बीजेपी के नॉर्थ-ईस्ट प्रभारी संबित पात्रा और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस मौके पर युमनाम खेमचंद सिंह को पार्टी पटका पहनाकर बधाई दी गई और मिठाई खिलाई गई। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह भी बैठक में उपस्थित रहे।

खेल से सत्ता तक का सफर

62 वर्षीय युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। राजनीति में आने से पहले वे एक अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी रहे हैं।
उन्होंने दक्षिण कोरिया में प्रशिक्षण लिया, भारतीय ताइक्वांडो टीम की कप्तानी की और 5वीं डैन ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाले देश के पहले खिलाड़ी बने। इसके अलावा वे ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया में उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और पूर्वोत्तर भारत में इस खेल को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई।

राजनीतिक करियर

युमनाम खेमचंद ने वर्ष 2012 में तृणमूल कांग्रेस से राजनीति में कदम रखा, लेकिन हार के बाद 2013 में बीजेपी का दामन थामा। 2017 से 2022 तक वे मणिपुर विधानसभा के स्पीकर रहे। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद एन. बीरेन सिंह सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया, जहां उन्होंने नगर प्रशासन एवं आवास विकास, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज और शिक्षा जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। फरवरी 2025 में राष्ट्रपति शासन लागू होने तक वे सरकार का हिस्सा रहे।

 क्यों बना बीजेपी का चेहरा?

पार्टी सूत्रों के अनुसार युमनाम खेमचंद सिंह को इसलिए चुना गया क्योंकि वे सभी गुटों में स्वीकार्य, गैर-विवादित और संतुलित छवि के नेता माने जाते हैं। उनकी शांत कार्यशैली, संगठनात्मक अनुभव और अनुशासित नेतृत्व ने पार्टी नेतृत्व का भरोसा जीता। वे RSS से भी जुड़े रहे हैं और हाल के महीनों में उन्होंने कूकी-जो समुदाय के राहत शिविरों का दौरा कर संवाद की पहल की थी। मेईतेई, कूकी-जो और नागा समुदायों के बीच संतुलन बनाने में उन्हें अहम भूमिका निभाने वाला नेता माना जा रहा है।

बीजेपी के इस फैसले को मणिपुर में शांति बहाली, राजनीतिक स्थिरता और विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह होने की संभावना है।


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Ramanjot

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