भगवान जगन्नाथ की 147 वीं रथ यात्रा आज से हुई शुरू, ममता बनर्जी ने लोगों को दी बधाई
punjabkesari.in Sunday, Jul 07, 2024 - 11:18 AM (IST)

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को लोगों को रथ यात्रा के अवसर पर बधाई दी और लोगों के जीवन में शांति, सौहार्द और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि वह कोलकाता में ‘इस्कॉन' द्वारा आयोजित रथ यात्रा में भाग लेंगी।
Heartiest greetings to everyone today, on the auspicious occasion of the Ratha Yatra. May this day bring peace, amity and prosperity to all by the grace of Lord Jagannath.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) July 7, 2024
Today, millions of people across Bengal will join the chariot festival. At historic Mahesh (where we…
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रथ यात्रा के पावन अवसर पर आज सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान जगन्नाथ की कृपा से यह दिन सभी के लिए शांति, सौहार्द और समृद्धि लाए।'' उन्होंने कहा,‘‘ आज पूरे बंगाल से लाखों लोग रथ यात्रा में शामिल होंगे। ऐतिहासिक महेश (जहां हमने प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया है) में विशाल जनसमूह होगा। कोलकाता इस्कॉन में मैं यात्रा में शामिल होऊंगी।''
मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों को अगले वर्ष से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के दीघा में निर्माणाधीन जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा शुरू करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा,‘‘हम सभी दीघा के अपने नये जगन्नाथ धाम में अगले वर्ष की रथ यात्रा का इंतजार करेंगे! जय जगन्नाथ।'' पश्चिम बंगाल सरकार तटीय शहर दीघा में जगन्नाथ मंदिर का निर्माण करा रही है। ‘पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन' की इस परियोजना पर राज्य सरकार ने 140 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए हैं।
भगवान जगन्नाथ की 147 वीं रथ यात्रा आज से हुई शुरू
बता दें कि भगवान जगन्नाथ की 147 वीं रथ यात्रा रविवार सुबह गुजरात के अहमदाबाद शहर में शुरू हो गई है। जहां उनके दर्शन के लिए यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बालभद्र और बहन सुभद्रा का रथ दशकों पुरानी परंपरा के अनुसार खलासी समुदाय के सदस्यों ने खींचा। यह रथ यात्रा हर साल आषाढ़ माह के दूसरे दिन निकाली जाती है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने ‘मंगला आरती' की और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘पाहिंद विधि' संपन्न की। यह विधि जमालपुर इलाके में भगवान जगन्नाथ के 400 वर्ष पुराने मंदिर से रथ यात्रा शुरू होने पर सोने की झाड़ू से यात्रा मार्ग को साफ करने की परंपरा है।