Gold Price: सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, क्या अब 1 लाख रुपये तक सस्ता होगा गोल्ड? जानें एक्सपर्ट्स की राय

punjabkesari.in Friday, Oct 09, 2026 - 07:13 PM (IST)

Gold Price: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में अब गिरावट का दौर जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू बाजार तक सोना अपने ऊंचे स्तर से काफी सस्ता हो चुका है। ऐसे में त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन से पहले सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के मन में सवाल है कि क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा या कीमतें और नीचे जा सकती हैं। 

सोना करीब 11 फीसदी सस्ता

घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर सोने की कीमत अगस्त के आखिरी सप्ताह में 1,64,773 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद भाव में गिरावट शुरू हुई और पिछले सप्ताह कीमत घटकर 1,45,991 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर आ गई। इस तरह अगस्त के उच्चतम स्तर से सोना करीब 11 फीसदी सस्ता हो चुका है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चमक कुछ फीकी पड़ी है। स्पॉट गोल्ड अगस्त में करीब 4,698 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर पर था, जो पिछले सप्ताह गिरकर लगभग 4,130 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 27 फीसदी और भारतीय बाजार में लगभग 23 फीसदी नीचे आ चुकी है।

सोने की कीमतों में गिरावट की बजह

निवेशकों की मुनाफावसूली: सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए बिकवाली की। इससे बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा।

अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर चिंता:अमेरिका में महंगाई और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से सोने की तेजी प्रभावित हुई है। ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने की आशंका भी कीमतों के लिए दबाव पैदा करती है।

बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरीः अमेरिकी बॉन्ड की वास्तविक यील्ड बढ़ने से निवेशकों के लिए सोने की तुलना में ब्याज देने वाले निवेश विकल्प ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं। सोना खुद कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए इसका असर मांग पर पड़ता है।

डॉलर में मजबूती: अमेरिकी डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

सोने की कीमतों में आएगी और गिरावट

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में सोने की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, MCX पर 1.25 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर फिलहाल उनका मुख्य अनुमान नहीं है। जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 4,025 से 3,950 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकता है। यदि इसका असर घरेलू वायदा बाजार पर भी पड़ता है, तो MCX पर सोने का भाव करीब 1,46,200 से 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में आ सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट के लिए अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में और तेजी आना तथा अक्टूबर के अमेरिकी CPI महंगाई के आंकड़ों का अनुमान से काफी ज्यादा रहना जैसे कारक अहम होंगे। फिलहाल इस तरह की स्थिति बनने की संभावना कम मानी जा रही है।

क्या 1.34 लाख रुपये तक पहुंचेगा सोना?

सोने की कीमतों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3,930 से 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर अहम सपोर्ट जोन माना जा रहा है। यदि कीमतें इस दायरे से नीचे जाती हैं, तो अगला सपोर्ट 3,600 से 3,750 डॉलर प्रति औंस के बीच हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के इस निचले स्तर तक पहुंचने की संभावना करीब 25 फीसदी है। अगर ऐसा होता है, तो भारतीय बाजार में सोने की कीमत लगभग 1,34,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर सकती है।

क्या 1 लाख रुपये तक जाएगा सोने के भाव?

फिलहाल विशेषज्ञ सोने की कीमतों में 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिरावट की संभावना बेहद कम मान रहे हैं। उनके मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने को इस स्तर तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2,800 डॉलर प्रति औंस तक गिरनी होगी।

 


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Content Editor

Sahil Kumar

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