नकली पनीर पर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन: पूरे राज्य में एनालॉग पनीर पर 1 साल का कड़ा प्रतिबंध
punjabkesari.in Saturday, Aug 08, 2026 - 04:02 PM (IST)
मुंबई : राज्य में खाद्य सुरक्षा और जन-स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक बेहद कड़ा और अहम फैसला लिया है। महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने पूरे राज्य में एनालॉग (कृत्रिम/नॉन-डेयरी) पनीर के उत्पादन, प्रोसेसिंग, भंडारण (स्टोरेज), परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से 1 साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
FDA की प्राथमिक जांच और छापेमारी में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि राज्य की लगभग सभी प्रमुख और बड़ी होटल चेन असली डेयरी पनीर के बजाय सस्ते एनालॉग (कृत्रिम) पनीर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही थीं। एनालॉग पनीर असली दूध या डेयरी वसा से नहीं बल्कि वनस्पति तेल (Vegetable Fats), स्टार्च और केमिकल इमल्सीफायर्स को मिलाकर तैयार किया जाता है।
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होटल और रेस्टोरेंट ग्राहकों को असली पनीर के नाम पर यह कृत्रिम उत्पाद परोस रहे थे जिससे लोगों की सेहत के साथ-साथ उनके अधिकारों से भी खिलवाड़ हो रहा था। वहीं एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की व्यापक सराहना की जा रही है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
बता दें कि यह बैन पूरे महाराष्ट्र में 1 साल के लिए प्रभावी रहेगा। नियम का उल्लंघन कर एनालॉग पनीर बेचने, बनाने या होटलों में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI norms) के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस कड़े कदम के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य राज्य भी जन-स्वास्थ्य के हित में मिलावटी और कृत्रिम खाद्य पदार्थों के खिलाफ ऐसे सख्त नियम लागू करेंगे।
