3 साल तक छिपा रहा ससुर का गंदा राज, दामाद ने ऐसे खोली पोल कि पूरी फैमिली पहुंच गई जेल

punjabkesari.in Sunday, Mar 29, 2026 - 03:33 PM (IST)

नेशनल डेस्क। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। तीन साल पहले जिस पुलिसकर्मी की मौत को एक सामान्य हादसा मानकर फाइल बंद कर दी गई थी वह असल में एक सोची-समझी साजिश और हत्या निकली। यानि कि 3 साल तक ससुर का गंदा राज छिपा रहा। इस मर्डर मिस्ट्री का खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि मृतक के दामाद ने किया है  जिसके बाद पुलिस ने बेटी और दामाद समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या था मामला?

25 अप्रैल 2021 को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी जयंत बाल्लावार की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। उस वक्त लगा कि उन्हें चक्कर आया और हार्ट फेलियर या किसी प्राकृतिक कारण से उनकी जान चली गई। पुलिस ने भी इसे सामान्य आकस्मिक मृत्यु मान लिया था लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

दामाद के एक कुबूलनामे ने हिला दी पुलिस

इस केस में मोड़ तब आया जब मृतक के दामाद आशीष शेडमाके ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आशीष ने बताया कि जयंत बाल्लावार की मौत प्राकृतिक नहीं थी बल्कि उनकी बेटी आर्या बाल्लावार ने उन्हें जहर देकर मारा था।

यह भी पढ़ें: सावधान! Ambulance को रास्ता नहीं दिया तो कटेगा इतने का चालान, खानी पड़ सकती है जेल की हवा

हत्या की वजह: 'प्यार में अंधी' थी बेटी

जांच में पता चला कि आर्या और आशीष के बीच प्रेम संबंध थे। पिता जयंत इस रिश्ते के खिलाफ थे और वे अपनी बेटी की शादी आशीष से नहीं करना चाहते थे। पिता को अपने रास्ते का कांटा समझते हुए आर्या ने उन्हें रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया। आर्या ने अपने ममेरे भाई चैतन्य गेडाम से ₹5,000 में जहर मंगवाया। आर्या ने पिता को बड़े प्यार से जहर मिला हुआ मिल्कशेक पिलाया जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।

शादी के बाद फूटा पाप का घड़ा

पिता की मौत के बाद आर्या और आशीष ने शादी कर ली लेकिन कहते हैं कि 'जुर्म के पैर नहीं होते'। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए। आशीष को अनुशासनहीनता के कारण पुलिस की नौकरी से निकाल दिया गया। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से और पछतावे में आकर आशीष ने पुलिस को सारा सच उगल दिया।

पुलिस की कार्रवाई

सच सामने आते ही महाराष्ट्र पुलिस ने एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी आर्या (बेटी), आशीष (दामाद), चैतन्य (जहर सप्लाई करने वाला) और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Rohini Oberoi

Related News