जानिए अगर पृथ्वी उलटी दिशा में घूमने लगे तो क्या होगा? सच जानकर उड़ जाएंगे होश
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 12:24 PM (IST)
नेशनल डेस्क : हम रोज देखते हैं कि सूरज पूरब से उगता है और पश्चिम में डूब जाता है। यह सिलसिला सदियों से चला आ रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा हमेशा ही क्यों होता है और पृथ्वी की घूमने की दिशा कभी बदली क्यों नहीं?
वैज्ञानिकों के अनुसार, पृथ्वी का जन्म लगभग 4.6 अरब साल पहले हुआ था। उस समय सूरज के चारों ओर गैस और धूल का एक विशाल घूमता हुआ बादल था, जिसे सौर नेबुला कहा जाता है। इसी बादल से पृथ्वी और बाकी ग्रह बने। जब यह बादल गुरुत्वाकर्षण के कारण सिकुड़ने लगा, तो उसने एक तय दिशा में घूमना शुरू कर दिया। उसी दिशा में बनी पृथ्वी आज भी घूम रही है।
पृथ्वी पश्चिम से पूरब की ओर घूमती है, इसी कारण हमें सूरज पूरब में उगता हुआ दिखाई देता है। विज्ञान में इसे एंगुलर मोमेंटम के संरक्षण का नियम कहा जाता है। इस नियम के मुताबिक, कोई भी घूमती हुई वस्तु तब तक उसी दिशा में घूमती रहती है, जब तक उस पर कोई बहुत बड़ा बाहरी बल न लगे। चूंकि पृथ्वी पर ऐसा कोई बल नहीं पड़ा, इसलिए इसकी घूमने की दिशा अरबों सालों से एक जैसी बनी हुई है।
सिर्फ पृथ्वी ही नहीं, बल्कि हमारे सौरमंडल के ज्यादातर ग्रह भी इसी दिशा में घूमते हैं। इससे यह साबित होता है कि सभी ग्रह एक ही घूमती हुई सौर डिस्क से बने हैं।
अगर पृथ्वी उलटी दिशा में घूमने लगे तो क्या होगा?
अगर कभी ऐसा हो कि पृथ्वी अपनी दिशा बदलकर पूरब से पश्चिम की ओर घूमने लगे, तो सबसे पहले बड़ा बदलाव यह होगा कि सूरज पश्चिम में उगेगा और पूरब में डूबेगा। यह नज़ारा भले ही अजीब लगे, लेकिन असली असर इससे कहीं ज्यादा गंभीर होगा।
पृथ्वी की घूमने की दिशा बदलने से हवाओं के पैटर्न और समुद्री धाराएं पूरी तरह बदल जाएंगी। आज जो गल्फ स्ट्रीम जैसी गर्म समुद्री धाराएं यूरोप को गर्म रखती हैं, वे कमजोर या खत्म हो सकती हैं। इससे यूरोप का मौसम काफी ठंडा हो जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, सहारा जैसे रेगिस्तानी इलाके हरे-भरे हो सकते हैं, जबकि अमेज़न जैसे घने वर्षावन सूखने लगेंगे। पूरी दुनिया का जलवायु संतुलन बिगड़ जाएगा।
इसके अलावा, कई प्रवासी पक्षी और जानवर पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के सहारे रास्ता पहचानते हैं। दिशा बदलने से उन्हें नेविगेशन में भारी परेशानी होगी। इंसानों की बनाई व्यवस्थाएं जैसे टाइम ज़ोन, दिन-रात का हिसाब और मौसम चक्र भी पूरी तरह उलट जाएंगे।
