आतंकवाद से लेकर अफगान संकट, जानिए BRICS Summit में क्या-क्या बोले PM मोदी

09/10/2021 10:42:18 AM

नेशनल डेस्क: ब्रिक्स देशों ने गुरुवार को अफगानिस्तान की जमीन का आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने से रोकने और मादक पदार्थों के तस्करी रोकने पर बल दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुए वर्चुअल 13वें ब्रिक्स सम्मेलन के बाद जारी नई दिल्ली घोषणा में अफगानिस्तान संकट को शांतिपूर्ण तरीके से निपटने का आह्नान किया गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो ने अफगानिस्तान के पंजशीर और अन्य प्रांतों में तालिबान के साथ चल रही लड़ाई के बीच, ‘हिंसा से बचने और शांतिपूर्ण तरीकों से अफगानिस्तान में स्थिति को निपटाने' का आह्वान किया। 

 

अफगान संकट पर चर्चा
ब्रिक्स नेताओं ने कहा कि हम देश में स्थिरता, नागरिक शांति, कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक समावेशी अंतर-अफगान वार्ता को बढ़ावा देने में योगदान करने की आवश्यकता पर बल देते हैं।'' सभी देशों ने पिछले महीने हामिद करजई काबुल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास आतंकवादी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। इस हमले में कई लोग मारे गए और कई लोग घायल हो ग थे। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ हमले करने और मादक पदार्थ की तस्करी के लिए नहीं किया जाना चाहिए। वह आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा करते हैं, चाहे वह कभी भी, कहीं भी और किसी के द्वारा किया गया हो। हम मानवीय स्थिति पर ध्यान देने और अल्पसंख्यकों समेत सभी के मानवाधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हैं। 

 

ब्रिक्स देशों ने कई उपलब्धियां हासिल की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पांच देशों के समूह ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, चीन, भारत और दक्षिण अफ्रीका) ने पिछले डेढ़ दशक में कई उपलब्धियां हासिल की हैं और आज यह समूह विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावी आवाज बन गया है। डिजिटल माध्यम से ब्रिक्स के सालाना शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स शिखर वार्ता की 15वीं वर्षगांठ पर इस प्रभावी समूह की अध्यक्षता करना भारत के लिए खुशी की बात है। भारत की अध्यक्षता के दौरान सभी सदस्य देशों की ओर से किए गए सहयोग के लिए उन्होंने आभार जताया और बैठक के एजेंडे पर सहमति बनाने का आग्रह भी किया।

 

बता दें कि इस बार शिखर सम्मेलन की विषयवस्तु ‘‘ब्रिक्स@15: अंतर-ब्रिक्स निरंतरता, एकजुटता और सहमति के लिए सहयोग' है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के बावजूद ब्रिक्स की 150 से अधिक बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें से 20 से अधिक मंत्री स्तर पर थे। भारत साल 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी दूसरी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की। इससे पहले साल 2016 में उन्होंने गोवा शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। इस साल भारत उस समय ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, जब ब्रिक्स का 15वां स्थापना साल मनाया जा रहा है।


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Content Writer

Seema Sharma

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