50 फीट लंबा, 1000 किलो वजनी... जानिए भारत के विशालकाय सांप की कहानी, नाम भी है बेहद खास
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 01:14 AM (IST)
नेशनल डेस्कः सांपों की दुनिया बेहद रहस्यमयी और गजब की है। वैसे तो दुनियाभर में सांपों की 4 हजार से भी ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से करीब 85 फीसदी जहरीली नहीं होतीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि करोड़ों साल पहले भारत की धरती पर एक ऐसा महाकाय सांप रहता था, जिसका आकार और वजन सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाएं? वैज्ञानिकों ने भारत में ही दुनिया के सबसे बड़े सांप के जीवाश्म खोज निकाले हैं, जो लगभग 50 फीट लंबा और 1000 किलो (एक टन) वजनी था!
IIT रुड़की के वैज्ञानिकों को मिली बड़ी कामयाबी
अप्रैल 2024 में IIT रुड़की के वैज्ञानिकों ने गुजरात के कच्छ में स्थित पनांध्रो लिग्नाइट खदान से इस प्राचीन सांप के जीवाश्म खोजे थे। यह अवशेष करीब 4.7 करोड़ साल पुराने हैं। IIT रुड़की के शोधकर्ता सुनील बाजपेयी और देबजीत दत्ता के अनुसार, इस विशालकाय सांप का नाम 'वासुकी इंडिकस' (Vasuki Indicus) रखा गया है। यह नाम भगवान शिव के गले में लिपटे रहने वाले पौराणिक सांप 'वासुकी' के नाम पर रखा गया है, और चूंकि यह भारत में मिला, इसलिए इसके पीछे 'इंडिकस' जोड़ा गया है।

हड्डियों से खुला विशालकाय शरीर का राज
वैज्ञानिकों को खदान से इस सांप की रीढ़ की 27 हड्डियां मिली हैं, जो बहुत ही अच्छी स्थिति में हैं। ये हड्डियां किसी पूरी तरह विकसित सांप की प्रतीत होती हैं। इन हड्डियों की लंबाई 1.48 से 2.47 इंच और चौड़ाई 2.46 से 4.39 इंच के बीच है। इसी माप के आधार पर वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि इसका शरीर काफी चौड़ा और बेलनाकार रहा होगा। इसकी लंबाई 35.8 से 49.9 फीट और वजन लगभग 1000 किलो रहा होगा।

कैसे शिकार करता था 'वासुकी इंडिकस'?
वैज्ञानिकों का मानना है कि अपने विशालकाय शरीर और भारी वजन के कारण 'वासुकी इंडिकस' बहुत धीमी गति से चलने वाला जीव रहा होगा। वह आज के अजगर या एनाकोंडा की तरह तटीय दलदली इलाकों में रहता था और घात लगाकर अपने शिकार को दबोचता था।
यह सांप 'मैडत्सोइडे' (Madtsoiidae) नामक सांपों के परिवार से संबंध रखता था, जो पृथ्वी पर लगभग 10 करोड़ सालों तक मौजूद रहा। इस प्रजाति के सांप भारत के साथ-साथ अफ्रीका और यूरोप में भी पाए जाते थे। रिसर्च से संकेत मिलते हैं कि 'वासुकी इंडिकस' संभवतः बड़े मैडत्सोइडे सांपों के उसी समूह का हिस्सा था, जो सबसे पहले भारत में ही विकसित हुए और बाद में इओसीन काल (करीब 5.6 से 3.4 करोड़ साल पहले) में दक्षिणी यूरोप और अफ्रीका तक फैल गए।
कोलंबिया के 'टाइटनोबोआ' को दी कड़ी टक्कर
इससे पहले तक दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में पाए गए 'टाइटनोबोआ' (Titanoboa cerrejonensis) को ही दुनिया का सबसे बड़ा सांप माना जाता था, जिसकी लंबाई करीब 14 मीटर तक थी। लंबाई के मामले में भारत का 'वासुकी इंडिकस' इसे कड़ी टक्कर देता है। हालांकि, वजन के मामले में टाइटनोबोआ (लगभग 1.13 टन) वासुकी इंडिकस से थोड़ा भारी था। भारत में हुई इस अद्भुत खोज ने वैज्ञानिकों को धरती के इतिहास को नए नजरिए से देखने का मौका दिया है।
