Vande Bharat Loco Pilot Salary: जानिए वंदे भारत ट्रेन के ड्राइवर को कितनी मिलती है सैलरी और कैसे होता है चुनाव?
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 02:52 PM (IST)
नई दिल्ली : भारतीय रेलवे नेटवर्क पर वंदे भारत एक्सप्रेस तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अपनी आधुनिक डिजाइन, तेज रफ्तार और विश्वस्तरीय सुविधाओं के कारण इस ट्रेन में सफर करना लोगों की पहली पसंद बन चुका है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 160 किमी/घंटे तक की रफ्तार से दौड़ने वाली इस प्रीमियम ट्रेन को चलाने वाले लोको पायलट का चुनाव कैसे होता है? क्या इसके लिए कोई सीधी भर्ती (Direct Recruitment) होती है या कोई खास पैमाना तय किया गया है? आइए जानतें हैं:
बहुत से लोगों के बीच यह भ्रम है कि रेलवे वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के लिए अलग से भर्ती निकालता है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। वंदे भारत जैसी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों की कमान सिर्फ उन्हीं लोको पायलटों को दी जाती है जिनके पास ट्रेन चलाने का वर्षों का अनुभव और बिना किसी हादसे का बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड होता है। बता दें कि रेलवे अपने वरिष्ठ और अनुभवी ड्राइवरों में से ही विशेष ट्रेनिंग के बाद वंदे भारत के लिए लोको पायलटों का चयन करता है।

जानकारी के मुताबिक वंदे भारत का लोको पायलट बनने का रास्ता रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के जरिए असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) पद से शुरू होता है। इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना आवश्यक है। इसके साथ ही संबंधित ट्रेड (मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स या ऑटोमोबाइल) में ITI सर्टिफिकेट या इंजीनियरिंग में डिप्लोमा/डिग्री होनी चाहिए।
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रेलवे के कड़े मेडिकल टेस्ट और आंखों की दृष्टि जांच (A-1 Eyesight Standard) को पास करना बेहद जरूरी है।

जानें Loco Pilot को कितनी मिलती है सैलरी?
लोको पायलटों को पद और अनुभव के हिसाब से आकर्षक वेतन और भत्ते दिए जाते हैं। असिस्टेंट लोको पायलट के रूप में शुरुआती बेसिक पे ₹19,900 होता है। महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्ते मिलाकर शुरुआती इन-हैंड सैलरी ₹35,000 से ₹40,000 प्रति माह तक बनती है।
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वहीं वर्षों के अनुभव, प्रमोशन और कठोर ट्रेनिंग के बाद जब किसी पायलट को वंदे भारत चलाने की जिम्मेदारी मिलती है तो सीनियरिटी, रनिंग अलाउंस (किलोमीटर के हिसाब से) और नाइट ड्यूटी अलाउंस मिलाकर उनकी सैलरी ₹1,000,000 प्रति माह या उससे अधिक हो जाती है। सैलरी के अलावा मुफ्त रेलवे पास, मेडिकल कवर, रनिंग अलाउंस, पेंशन लाभ और पूरी जॉब सिक्योरिटी मिलती है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि भारतीय रेलवे वंदे भारत के नेटवर्क और तकनीक को लगातार अपग्रेड कर रहा है। यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए सिकंदराबाद-तिरुपति जैसे व्यस्त रूटों पर 20 कोच वाली 'वंदे भारत 3.0' ट्रेनें उतारी जा रही हैं। लंबे सफर को आरामदायक बनाने के लिए पहली Fully AC वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लाने की तैयारी है। विजयवाड़ा रेलवे डिविजन से इस स्लीपर ट्रेन को दशहरा 2026 तक पटरी पर उतारने की योजना है, जो 160 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी।
