खरगे का Modi सरकार पर हमला: Galwan के बाद China का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कब्जा, आत्मनिर्भर भारत फेल

punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 03:20 PM (IST)

नेशनल डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि गलवान घाटी की घटना के बाद केंद्र सरकार ने चीन के प्रति नरम रुख अपनाया, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारत की चीन पर निर्भरता बढ़ी है तथा राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचा है।

 खरगे ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट कर यह भी दावा किया कि वर्ष 2020 में हुई गलवान की घटना के बाद वर्ष 2025-26 तक चीन से भारत का आयात 101.81 प्रतिशत बढ़ गया और दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा बढ़कर 112.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया। उन्होंने आरोप लगाया, ''छह वर्ष पहले गलवान में 20 भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन को "क्लीन चिट" दे दी थी।

भारतीय सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन केंद्र सरकार ने भारत के हितों के समक्ष चीन के प्रति नरम रुख अपनाया।'' खरगे ने कहा कि भारत के एंटीबायोटिक आयात का 86 प्रतिशत हिस्सा चीन से आता है। उनके अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र में भारत के 66 प्रतिशत पुर्जों का आयात चीन से होता है, जबकि भारतीय ईवी में इस्तेमाल होने वाली लगभग 75 प्रतिशत लिथियम-आयन बैटरियां आयातित हैं और इनमें अधिकतर चीन से आती हैं। 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत की निर्भरता चीन पर बनी हुई है। खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अब चार चीनी कंपनियों को सरकारी बिजली परियोजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति देकर चीन के लिए और अवसर खोल दिए हैं। 
 


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Content Writer

Ramkesh

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