खरगे और राहुल को तीसरी पंक्ति में बैठाया गया: कांग्रेस ने लगाया विपक्ष के नेताओं के अपमान का आरोप
punjabkesari.in Monday, Jan 26, 2026 - 08:56 PM (IST)
नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें तीसरी पंक्ति में बैठाया गया। कांग्रेस के कई नेताओं ने समारोह के दौरान अपने नेताओं को पीछे की पंक्तियों में बैठाए जाने की तस्वीरें साझा करते हुए प्रोटोकॉल के उल्लंघन और बर्ताव पर सवाल उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे पहले राहुल गांधी के साथ तीसरी पंक्ति में बैठे हुए दिखाई दिए। बाद में उन्हें पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के बगल में पहली पंक्ति में बैठा दिया गया।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने राहुल गांधी और खरगे की तीसरी पंक्ति में बैठने वाली तस्वीर साझा करते हुए ‘एक्स' पर कहा, "क्या देश में विपक्ष के नेता के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी शिष्टाचार, परंपरा और प्रोटोकॉल के मानकों को पूरा करता है?" उन्होंने कहा, ‘‘ यह बस एक ऐसी सरकार की हताशा को उजागर करता है जो हीन भावना से ग्रस्त है। लोकतंत्र में मतभेद तो बने रहेंगे, लेकिन राहुल गांधी के साथ किया गया यह बर्ताव अस्वीकार्य है।''
कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने भी ‘एक्स' पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘ यह प्रोटोकॉल और शिष्टाचार का घोर उल्लंघन है!! मौजूदा हालात में इसकी उम्मीद करना बेकार है!! राहुलगांधी, खरगेजी।'' तन्खा ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘ गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान विपक्षी नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे देखते हुए मौजूदा माहौल में सत्ताधारी पार्टी से बेहतर की उम्मीद नहीं की जा सकती। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, सत्ताधारी पार्टी की इन छोटी-छोटी हरकतों से लोकतंत्र को ठेस पहुंचती है।'' हालांकि, भाजपा ने पूछा कि गांधी ने उपराष्ट्रपति और प्रधान न्यायाधीश के शपथ ग्रहण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग क्यों नहीं लिया था। पहले भी गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान राहुल गांधी की बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद हो चुका है। अपने वीडियो संदेश में, तन्खा ने कहा कि राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बैठे देखकर उन्हें आश्चर्य और दुख हुआ।
उन्होंने कहा कि जब सुषमा स्वराज और अरुण जेटली विपक्ष के नेता थे, उन्हें याद नहीं है कि तब उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया हो। उन्होंने कहा, ‘‘ भारतीय राजनीति में खरगे और राहुल दोनों का ही विशेष स्थान है और उन्हें पीछे की पंक्तियों में बैठाना उनका नहीं बल्कि राष्ट्र का अपमान है। आप संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहे हैं।'' कांग्रेस नेता और लोकसभा में पार्टी के सचेतक मणिकम टैगोर ने अतीत की एक और तस्वीर साझा की है, जिसमें एल.के. आडवाणी अपनी बेटी के साथ पहली पंक्ति में बैठे हुए हैं। तस्वीर में कई केंद्रीय मंत्री और सोनिया गांधी भी उसी पंक्ति में बैठे नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ यह 2014 की बात है, देखिए तब एलके आडवाणी कहां बैठे थे। अब इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन क्यों? क्या इसलिए कि मोदी और शाह खरगे और राहुल का अपमान करना चाहते हैं?''
टैगोर ने अपने पोस्ट में कहा, "गणतंत्र दिवस पर विपक्ष के नेताओं का इस तरह अपमान नहीं किया जा सकता।" भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘ एक बार फिर कांग्रेस ने विशेषाधिकार और अहंकार, परिवार और पद को जनता से ऊपर रखा है।" उन्होंने कहा, "उनका मानना है कि परिवार तंत्र, संविधान तंत्र से श्रेष्ठ है। बैठने की व्यवस्था एक निर्धारित प्रारूप - वारंट या वरीयता तालिका - के अनुसार होती है। राहुल गांधी के आसपास या पीछे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी देखे जा सकते हैं, लेकिन उनमें से किसी ने भी इस पर कोई मुद्दा नहीं उठाया।'' पूनावाला ने कहा, ‘‘राहुल को लगता है कि वह भारत के मालिक हैं? वैसे, वे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में क्यों नहीं आते? उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में वे कहां थे? प्रधान न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह में? स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में?।''
