DGP का महिला के साथ आपत्तिजनक हरकतें करते अश्लील वीडियो हुआ वायरल, कर्नाटक सरकार ने लिया बड़ा फैसला
punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 08:34 AM (IST)
नेशनल डेस्क: कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को DGP रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर राव को अपने सरकारी दफ्तर में अलग-अलग महिलाओं के साथ निजी और आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए देखा गया।
इस मामले को लेकर राज्य में भारी विवाद और नाराज़गी फैल गई थी। मामला मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तक पहुंचा, जिन्होंने सोमवार को संबंधित विभाग से पूरी जानकारी ली। वीडियो देखने के बाद मुख्यमंत्री काफी नाराज़ बताए जा रहे हैं। इसके अगले ही दिन सरकार ने रामचंद्र राव को सस्पेंड करने का फैसला लिया।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस विभाग जैसे संवेदनशील संस्थान के अंदर इस तरह की घटना कैसे हो सकती है। इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दल लगातार सरकार पर दबाव बना रहे थे कि क्या इस मामले में जांच और सख्त कार्रवाई होगी या नहीं।
सोमवार को सामने आए वीडियो में रामचंद्र राव, जो DGP रैंक के अधिकारी हैं और जिनकी बेटी रान्या राव सोना तस्करी मामले में आरोपी है, कथित तौर पर अपने सरकारी चैंबर में महिलाओं के साथ बेहद नजदीकी स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह पुलिस की वर्दी में हैं और कार्यालय समय के दौरान महिलाओं को गले लगाते और चूमते हुए नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो गुप्त रूप से डीजीपी के दफ्तर के अंदर रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो में अलग-अलग दिनों में आई महिलाओं को अलग कपड़ों में देखा जा सकता है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये मुलाकातें एक से अधिक बार हुई थीं, और उस समय कार्यालय का काम भी चल रहा था।
हालांकि, रामचंद्र राव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो नकली और एडिट किया हुआ है। राव का कहना है कि कुछ लोग उन्हें जानबूझकर निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह वीडियो पूरी तरह झूठा और बनाया हुआ है। मैं आठ साल पहले बेलगावी में था। हमने अपने वकील से बात की है और कानूनी कार्रवाई करेंगे। बिना जांच के सच्चाई सामने नहीं आ सकती। इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।” विवाद बढ़ने के बाद रामचंद्र राव ने गृह मंत्री से भी मुलाकात कर अपनी बात रखी, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने उन्हें निलंबित करने का फैसला लिया। अब इस पूरे मामले में आगे की जांच और विभागीय कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।
