Bumper Salary Hike: सफाईकर्मी का वेतन 2 लाख, इंजीनियर का 7 लाख, इस राज्य का वेतन बिल 6,000 करोड़ पार, मुख्य सचिव के खुलासे ने सबको चौंकाया

punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 02:57 PM (IST)

नेशनल डेस्क:  तेलंगाना से एक ऐसी वित्तीय खबर सामने आई है जिसने न केवल आम जनता बल्कि प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। हैदराबाद में आयोजित 'सेंटर फॉर इकोनॉमिक एंड सोशल स्टडीज' (CESS) के एक सम्मेलन के दौरान राज्य के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने बुधवार को राज्य की तिजोरी पर पड़ते भारी बोझ का कच्चा चिट्ठा खोला। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में तेलंगाना का मासिक वेतन और पेंशन बिल चार गुना बढ़कर अब 6,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि राज्य में वरिष्ठता के आधार पर कुछ सफाईकर्मी और ड्राइवर इतना वेतन ले रहे हैं कि उनकी कमाई देश के सबसे ऊंचे प्रशासनिक पदों पर बैठे IAS अधिकारियों और यहाँ तक कि राज्यपाल से भी अधिक हो गई है।

सफाईकर्मी की सैलरी 2 लाख रुपये,  ड्राइवर की 1 लाख रुपये
इस वित्तीय गणित को समझें तो साल 2014 में तेलंगाना के गठन के समय राज्य का यह खर्च महज 1,500 करोड़ रुपये हुआ करता था, जो अब 300 प्रतिशत की भारी-भरकम उछाल के साथ आसमान छू रहा है। मुख्य सचिव के अनुसार, इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी के पीछे सरकारी एजेंसियों और विशेषकर बिजली विभाग में होने वाले बार-बार के वेतन संशोधन मुख्य वजह हैं। हालत यह है कि बिजली क्षेत्र में काम कर रहे मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) का मासिक वेतन 7 लाख रुपये तक जा पहुंचा है।

वहीं, 30 साल की लंबी सेवा पूरी कर चुके कुछ सफाईकर्मी 2 लाख रुपये और अनुभवी ड्राइवर 1 लाख रुपये से ज्यादा की तनख्वाह उठा रहे हैं। यहां तक कि ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) में नियमित हो चुके सफाईकर्मियों का एक छोटा हिस्सा औसतन 70,000 रुपये वेतन ले रहा है, जबकि नए भर्ती होने वाले कर्मचारियों का वेतन 28,000 रुपये के आसपास है।

इस विसंगति के पीछे का खेल 'फिटमेंट' प्रतिशत और समय-समय पर बढ़ने वाले महंगाई भत्ते में छिपा है। अक्सर चुनाव के समय कर्मचारियों को खुश करने के लिए किए गए ये संशोधन अब राज्य के बजट पर भारी पड़ रहे हैं। बिजली विभाग में तो हर चार साल में होने वाले वेतन बदलावों ने पूरी सैलरी संरचना को ही पलट कर रख दिया है। जहां कर्मचारियों के लिए यह मोटी कमाई राहत लेकर आई है, वहीं मुख्य सचिव के इस खुलासे ने राज्य की वित्तीय सेहत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  


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Content Editor

Anu Malhotra

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