Sadhvi Prem Baisa : साध्वी प्रेम बाईसा की मौत पर बड़ा चौकाने वाला खुलासा! नए तथ्यों से मच गया हड़कंप

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 09:01 AM (IST)

Sadhvi Prem Baisa Death Mystery : राजस्थान के जोधपुर स्थित पाल के आरती नगर आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को उलझा दिया है। 28 जनवरी को हुई इस घटना में अब इंजेक्शन और दाल—ये दो बिंदु जांच के केंद्र बन गए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर खुद मौके पर पहुंचे और एसआईटी (SIT) ने गहन जांच शुरू कर दी है।

मौत से पहले क्या हुआ था? 

पुलिस और गवाहों के बयानों के अनुसार 28 जनवरी को साध्वी की तबीयत कुछ खराब थी। जुकाम और गला खराब होने की शिकायत पर कम्पाउंडर देवीसिंह राजपुरोहित ने साध्वी को दो इंजेक्शन लगाए थे। इंजेक्शन के बाद साध्वी ने अपने कर्मचारी सुरेश से दाल बनवाई। आमतौर पर सुरेश ही खाना लेकर कमरे में जाता था लेकिन उस दिन साध्वी के पिता बिरमनाथ खुद दाल लेकर कमरे में गए। दाल पीने के कुछ ही देर बाद साध्वी को सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगी। वे चिल्लाने लगीं कि उन्हें सांस नहीं आ रही है।

जांच के दो बड़े पहलू: जहर या रिएक्शन?

पुलिस इस मिस्ट्री को सुलझाने के लिए दो मुख्य थ्योरी पर काम कर रही है:

  1. इंजेक्शन का रिएक्शन: क्या कम्पाउंडर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन गलत थे या उनका कोई जानलेवा रिएक्शन हुआ?

  2. जहरीली दाल: क्या उस दाल में कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया था? एफएसएल (FSL) टीम ने आश्रम से दाल बनाने की सामग्री के सैंपल लिए हैं।

क्या सबूत मिटाने की कोशिश हुई?

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात सूत्रों के हवाले से यह सामने आई है कि मौत से पहले साध्वी के मुंह से झाग निकले थे। झाग निकलना आमतौर पर जहर का संकेत माना जाता है। आरोप है कि उन झागों को तुरंत साफ कर दिया गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि झाग किसने और क्यों साफ किए।

पुलिस एक्शन और SIT की पूछताछ

  • विसरा जांच: मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम के बाद विसरा (Visera) को एफएसएल लैब भेजा गया है। हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट से ही साफ होगा कि शरीर के अंदर कौन सा तत्व पहुंचा था।

  • पिता से पूछताछ: साध्वी को उनके पैतृक गांव (जास्ती, बालोतरा) में समाधि दी जा चुकी है। इसके बाद एसआईटी ने साध्वी के पिता बिरमनाथ को बुलाकर एसीपी कार्यालय में लंबी पूछताछ की है।

  • कमिश्नर का दौरा: पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने स्पष्ट किया कि हर साक्ष्य को बारीकी से देखा जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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