No-Meat Zone Alert: जेवर एयरपोर्ट के चारों ओर 10 किमी तक मांस बिक्री बंद, आदेश तोड़ा तो 3 साल की सजा
punjabkesari.in Saturday, Jan 31, 2026 - 03:44 PM (IST)
नेशनल डेस्क: जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब 'फुल एक्शन मोड' में नजर आ रहा है। आसमान में उड़ते विमानों को परिंदों के खतरे से बचाने के लिए हवाई अड्डे के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह 'नो-मीट ज़ोन' बनाने की तैयारी है। प्रशासन का मानना है कि मांस के अवशेष और खुले में फेंका गया कचरा पक्षियों को दावत देता है, जो उड़ते जहाजों के लिए किसी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं।
सुरक्षा की खातिर कड़े नियम
हवाई सफर को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने जो नियम तैयार किए हैं, वे काफी सख्त हैं। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, निर्धारित सीमा के भीतर न तो मांस की दुकानें चल सकेंगी और न ही पशु वध की अनुमति होगी। इतना ही नहीं, गंदगी फैलाने या खुले में कूड़ा फेंकने पर भी पूरी तरह पाबंदी होगी। इस मिशन को जमीन पर उतारने का जिम्मा स्थानीय नगर पालिकाओं और विकास प्राधिकरणों को सौंपा गया है।
करोड़ों का जुर्माना और जेल की हवा
नियम सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, इसके लिए भारी-भरकम दंड का प्रावधान भी किया गया है। भारतीय विमानन कानूनों का हवाला देते हुए बताया जा रहा है कि अगर कोई इन पाबंदियों को तोड़ता पाया गया, तो उस पर 1 करोड़ रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। मामला गंभीर होने पर दोषी को 3 साल तक की जेल भी काटनी पड़ सकती है।
पक्षियों से जंग, यात्रियों की सुरक्षा
अक्सर देखा जाता है कि जहां मांस का काम होता है या गंदगी होती है, वहां चील और अन्य पक्षी बड़ी तादाद में जमा हो जाते हैं। विमान के टेक-ऑफ या लैंडिंग के दौरान अगर एक छोटा सा पक्षी भी इंजन से टकरा जाए, तो यह सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकता है। इसी 'बर्ड हिट' के खतरे को शून्य करने के लिए प्रशासन एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही इलाके की साफ-सफाई और मांस बंदी को लेकर इतनी कड़ाई बरत रहा है।
