J&K: गुलाम नबी आजाद ने इस वजह से दिया अभियान समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा, कांग्रेस नेता ने बताई सच्चाई

punjabkesari.in Wednesday, Aug 17, 2022 - 08:40 AM (IST)

नेशनल डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को केंद्र शासित प्रदेश में पार्टी की प्रचार समिति का प्रमुख नियुक्त किया, लेकिन आजाद ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया। जम्मू और कश्मीर में संगठन में सुधार के तौर पर सोनिया गांधी ने आज़ाद के करीबी माने जाने वाले विकार रसूल वानी को अपनी जम्मू-कश्मीर इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। आजाद कांग्रेस के 'जी 23' समूह के प्रमुख सदस्य हैं।

 

 नियुक्तियों को सार्वजनिक किए जाने के कुछ घंटे बाद, सूत्रों के हवाले से पता लगा है कि आज़ाद ने गांधी के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, वानी ने गुलाम अहमद मीर की जगह ली है जिन्होंने आठ साल तक इस पद पर रहने के बाद जुलाई में इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि सोनिया ने गुलाम अहमद मीर का प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उनके स्थान पर रसूल वानी को अध्यक्ष नियुक्त किया। 

 

पार्टी से नाराज हैं आजाद

गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर पहले स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया था लेकिन जम्मू से कांग्रेस नेता अश्विनी हांडा ने इस मामले की जो इनसाइड स्टोरी बताई उससे कुछ और ही बात सामने आई है। अश्विनी हांडा के मुताबिक कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के लिए जिस प्रचार कमेटी का गठन किया है, उसमें जमीनी नेताओं को छोड़ दिया गया, उनके साथ न्याय नहीं हुआ है। हांडा ने कहा कि नई प्रचार कमेटी ने जमीनी नेताओं को नजरअंदाज कर दिया। इसी वजह से गुलाम नबी आजाद ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया क्योंकि वे भी इस नई कमेटी से संतुष्ट नहीं थे। वहीं अगर हांडा का दावा सही है तो इसका मतलब है कि कांग्रेस में अभी सबकुछ ठीक नहीं है। वैसे भी कुछ मुद्दों को लेकर आजाद के पार्टी के साथ मतभेद चल रहे हैं, ऐसे में हो सकता है कि उन्होंने नाराज होकर इस्तीफा दिया है।

 

कांग्रेस ने की ये नियुक्तियां

कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता रमन भल्ला को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। पूर्व पीडीपी नेता तारिक हामिद कर्रा को अभियान समिति के उपाध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को अभियान समिति का अध्यक्ष और तारिक हामिद कर्रा उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। आजाद के इस्तीफे के बाद उनके करीबी को विकार रसूल वानी को अब अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। घोषणापत्र समिति का प्रमुख प्रो. सैफुद्दीन सोज और उपाध्यक्ष अधिवक्ता एमके भारद्वाज को बनाया गया था। प्रचार और प्रकाशन समिति का अध्यक्ष मूला राम नियुक्त हुए थे।

 

चुनावों से पहले कांग्रेस का अभियान

बयान में कहा गया है कि सोनिया गांधी ने जम्मू-कश्मीर कांग्रेस कमेटी के लिए चुनाव अभियान समिति और राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) समेत सात समितियों का भी गठन किया। पार्टी ने जम्मू-कश्मीर के लिए समन्वय समिति, घोषणापत्र समिति, प्रचार एवं प्रकाशन समिति, अनुशासन समिति और प्रदेश चुनाव समिति का भी गठन किया है। जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधान खत्म किए जाने के बाद से ही विधानसभा अस्तित्व में नहीं है। परिसीमन का काम संपन्न हो चुका है। फिलहाल सरकार की तरफ विधानसभा चुनाव की तिथि को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है।


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Content Writer

Seema Sharma

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