ISRO गुवाहाटी में बनाएगा एडवांस्ड रडार रिसर्च सेंटर, असम के CM ने पीएम मोदी का किया धन्यवाद
punjabkesari.in Monday, Sep 21, 2026 - 09:23 AM (IST)
गुवाहाटी (असम) : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य के लिए एक अहम उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुवाहाटी के पास चंद्रपुर में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) के एडवांस्ड रडार रिसर्च सेंटर की आधारशिला रखी जाएगी। X पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा ISRO के प्रोजेक्ट NETRA (नेटवर्क फॉर स्पेस ऑब्जेक्ट ट्रैकिंग एंड एनालिसिस) के तहत बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा, 'असम के लिए एक अहम पल। आज हम असम के चंद्रपुर में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) के एडवांस्ड रडार रिसर्च सेंटर की आधारशिला रखेंगे। प्रोजेक्ट NETRA के तहत यह सुविधा अंतरिक्ष में वस्तुओं को ट्रैक करने और हमारी अहम अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा करने की भारत की क्षमता को मजबूत करेगी।'
इसके अलावा सरमा ने इस बात पर जोर दिया कि असम राष्ट्रीय रणनीतिक टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स के लिए एक हब के तौर पर उभर रहा है। राज्य में इस बड़े प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, 'एक ऐसा राज्य जिसे कभी भारत के प्रमुख टेक्नोलॉजी केंद्रों से दूर माना जाता था, उसके लिए आज असम को ऐसे अत्याधुनिक राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर का केंद्र बनते देखना बहुत संतोषजनक है। इस रणनीतिक प्रोजेक्ट के लिए असम को चुनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत-बहुत धन्यवाद।'
इससे पहले रविवार को सरमा ने धुबरी जिले के चापर में अडानी पावर लिमिटेड के 3,200 MW के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी। लगभग 48,000 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को असम के इंडस्ट्रियल सेक्टर में सबसे बड़े सिंगल इन्वेस्टमेंट में से एक माना जा रहा है। उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट असम की बिजली उत्पादन क्षमता को काफी बढ़ाएगा और कंस्ट्रक्शन के दौरान लगभग 25,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा, साथ ही पूरी तरह चालू होने पर लगभग 5,000 लोगों को स्थायी नौकरी मिलेगी।
सभा को संबोधित करते हुए सरमा ने इस मौके को असम के बिजली सेक्टर में बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बिजली सेक्टर के भविष्य के विकास के लिए एक मजबूत नींव रखी गई है और यह दिन असम की ऊर्जा के मामले में और अधिक आत्मनिर्भर बनने की यात्रा में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट राज्य की बढ़ती बिजली की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा और साथ ही उद्योगों और निवेश के लिए भरोसेमंद बिजली सप्लाई सुनिश्चित करेगा।
