ईरान ने भारतीय जहाजों को ''हरी झंडी'' दी, कहा- ''भारत हमारा दोस्त है, हम सुरक्षित रास्ता निकालेंगे''
punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 08:09 PM (IST)
नेशनल डेस्क : पर्शियन गल्फ क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ रही है। इसी बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने संकेत दिया है कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
भारत को लेकर ईरान का सकारात्मक रुख
पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा कि भारत और ईरान के बीच दोस्ताना संबंध हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से सुरक्षित रास्ता मिलेगा, तो उन्होंने सकारात्मक संकेत दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जल्द ही स्थिति साफ हो सकती है। उनका कहना था कि भारत ईरान का दोस्त है और आने वाले कुछ घंटों में इस बारे में स्पष्ट स्थिति सामने आ सकती है।
क्षेत्रीय हितों पर दोनों देशों की समान सोच
ईरान के राजदूत ने कहा कि भारत और ईरान के बीच कई क्षेत्रीय हित साझा हैं। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बताते हुए कहा कि लंबे समय से दोनों देश कई मुद्दों पर मिलकर काम करते रहे हैं। उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच सहयोग और भरोसे का रिश्ता है, जो मौजूदा हालात में भी बना हुआ है।
लंबे समय से बने हुए हैं मजबूत संबंध
राजदूत फतहाली ने कहा कि भारत और ईरान के संबंध दोस्ती और सहयोग पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से अच्छे रिश्ते रहे हैं और कई क्षेत्रों में साझेदारी भी रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझा हित और समान सोच होने के कारण आपसी सहयोग हमेशा मजबूत बना रहा है।
मुश्किल समय में भारत के सहयोग का जिक्र
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने कठिन समय में ईरान का साथ दिया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने कई क्षेत्रों में ईरान की मदद की है। उनके मुताबिक युद्ध के बाद की परिस्थितियों में भी भारत ने सहयोग किया, जो दोनों देशों के भरोसे और रिश्तों को मजबूत बनाता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ की रणनीतिक अहमियत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। इस संकरे समुद्री रास्ते से वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और व्यापार पर असर डाल सकता है। भारत के लिए भी यह मार्ग बेहद अहम है, क्योंकि देश अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है।
वैश्विक व्यापार पर भी पड़ता है असर
अगर इस समुद्री मार्ग में किसी तरह की रुकावट आती है, तो उसका असर केवल तेल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ता है। इसी वजह से दुनिया के कई देश और शिपिंग कंपनियां इस क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
संघर्ष के बीच बढ़ी निगरानी
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाजों की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ गई है। ऐसे माहौल में ईरान के राजदूत का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि भारत और ईरान के बीच समुद्री आवाजाही को लेकर सहयोग जारी रह सकता है और भारतीय जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने में सहूलियत मिल सकती है।
