Good News: भारत के लिए टला बड़ा ''ऊर्जा संकट'', Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरेंगे भारतीय जहाज
punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 01:14 PM (IST)
Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच भारत ने अपने हितों की रक्षा करते हुए ईरान को मनाने में सफलता हासिल की है। सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच हुई उच्च स्तरीय टेलीफोनिक बातचीत के बाद, ईरान भारतीय तेल टैंकरों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने देने पर सहमत हो गया है।
क्यों अहम है यह समझौता?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का वह समुद्री रास्ता है जहाँ से वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। वर्तमान युद्ध की स्थिति में इस मार्ग पर ट्रैफिक 90% तक गिर गया है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। ऐसे समय में भारत के लिए यह रियायत किसी बड़े वरदान से कम नहीं है।
भारत ने रूस और फ्रांस से भी साधा संपर्क
एस. जयशंकर ने केवल ईरान ही नहीं, बल्कि वैश्विक शक्तियों के साथ भी तालमेल बिठाया है। उन्होंने रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव और फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो से भी चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य समुद्री व्यापारिक मार्गों को खुला रखना और वैश्विक सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त होने से बचाना था।
पश्चिम को 'नो', भारत को 'यस'
ईरान का यह फैसला भारत के साथ उसके मजबूत संबंधों को दर्शाता है। जहाँ एक तरफ ईरान ने अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों से जुड़े जहाजों पर कड़े प्रतिबंध जारी रखे हैं, वहीं भारत को विशेष छूट दी गई है। जबकि अन्य देशों के जहाज फंसे हुए हैं, भारतीय टैंकर अब इस विवादित क्षेत्र से बिना किसी रुकावट के निकल सकेंगे।
