नेतन्याहू ने अपनी लव स्टोरी के खोले राजः भारतीय रेस्टोरेंट और ‘टेबल नंबर 8’ का बड़ा रोल ! बोले-“इसलिए मैं भारत का कर्जदार हूं” (Video)
punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 06:57 PM (IST)
International Desk: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने गुरुवार को एक भावुक खुलासा करते हुए कहा कि वह भारत के “व्यक्तिगत रूप से कर्जदार” हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी Sara Netanyahu के साथ उनकी पहली या दूसरी मुलाकात टेल अवीव के एक भारतीय रेस्टोरेंट में हुई थी। नेतन्याहू ने मुस्कुराते हुए कहा, “खाना शानदार था, डेट भी शानदार थी… और आज मेरे बच्चे भी हैं, इसलिए मैं भारत का आभारी हूं।”
#Netanyahu:
— Mahalaxmi Ramanathan (@MahalaxmiRaman) February 26, 2026
I owe India a great personal debt. When I met #Sara for the first time, I think our first or second date was in an #Indian restaurant in #TelAviv.
🍽🍽 🥗🥗🍾
And I have to tell you, there is no question.
1/2 pic.twitter.com/yOLN1q54tN
‘रीना पुष्कर्णा’ और टेबल नंबर 8 की कहानी
यह खास रेस्टोरेंट मशहूर भारतीय शेफ रीना पुष्कर्णा (Reena Pushkarna) का है, जो टेल अवीव में भारतीय व्यंजनों को लोकप्रिय बनाने के लिए जानी जाती हैं। 2022 के एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि नेतन्याहू और सारा की पहली डेट “टेबल नंबर 8” पर हुई थी। नेतन्याहू को भारतीय खाना बेहद पसंद है। वह हफ्ते में कम से कम दो बार ऑर्डर करते हैं और खासतौर पर बटर चिकन और कड़ाही चिकन के दीवाने हैं।जहां एक ओर भारत-इजरायल के बीच AI, साइबर सुरक्षा और शिक्षा में रणनीतिक समझौते हुए, वहीं नेतन्याहू की लव स्टोरी में भारतीय रेस्टोरेंट का कनेक्शन इस रिश्ते को और भी मानवीय और भावनात्मक बना दिया। राजनीति के मंच पर कूटनीति, और निजी जीवन में भारतीय स्वाद यही है भारत-इजरायल दोस्ती की खास पहचान।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Narendra Modi के दो दिवसीय इजरायल दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने शिक्षा, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी ने इजरायल के राष्ट्रपति Isaac Herzog से भी मुलाकात की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत राष्ट्रपति भवन के बाग में एक पेड़ लगाया। प्रधानमंत्री मोदी ने Yad Vashem (विश्व होलोकॉस्ट स्मारक केंद्र) का भी दौरा किया।उन्होंने होलोकॉस्ट पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और ‘बुक ऑफ नेम्स हॉल’ में जाकर लाखों पीड़ितों की स्मृति को नमन किया। यह दौरा शांति, मानव गरिमा और अन्याय के खिलाफ सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना।
